मीरगंज। जौनेर गांव में चार वर्षीय अलीम की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच बृहस्पतिवार को गड्ढे के चारों ओर लोहे के एंगल और लोहे की जाली लगाकर स्थायी बैरिकेडिंग करा दी गई। इससे पहले गड्ढे की घेराबंदी केवल बांस-बल्ली और रस्सी के सहारे की गई थी। ग्रामीणों ने इसे पर्याप्त नहीं बताया था।
इसको लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत की ओर से लोहे के एंगल गाड़कर उनके बीच मजबूत लोहे की जाली लगवाई गई। ग्राम प्रधान प्रमिला शर्मा ने बताया कि मासूम की मौत दुखद घटना है। भविष्य में इस तरह की दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए गड्ढे के चारों ओर लोहे की जाली और एंगल लगाकर स्थायी बैरिकेडिंग कराई गई है। उन्होंने कहा कि गांव में ऐसे अन्य स्थानों का भी निरीक्षण कराया जाएगा, जहां सुरक्षा इंतजाम की जरूरत होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह की मजबूत बैरिकेडिंग पहले ही करा दी गई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने आबादी के आसपास बने अन्य खतरनाक गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों पर भी जल्द सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।