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Iran News: खाड़ी देशों में फंसे लोग, सलामती की दुआ मांग रहे घरवाले, परिजनों के साथ नहीं बांट सकेंगे ईद की खुशी

Mon, 02 Mar 2026 12:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इस्राइल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान के पलटवार ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीयों की बेचैनी बढ़ा दी है। मऊआइमा के भी दर्जनों लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। ईरान के हमले के बाद वहां रह रहे लोगों के परिजन उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
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ईरान - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान के पलटवार ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीयों की बेचैनी बढ़ा दी है। मऊआइमा के भी दर्जनों लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। ईरान के हमले के बाद वहां रह रहे लोगों के परिजन उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। खाड़ी में बढ़ते तनाव ने ईरान और इस्राइल टकराव को सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मऊआइमा के उन परिवारों के दिलों तक पहुंचा दिया है। जिनके बेटे और भाई और शौहर परदेस में हैं। एयर कनेक्टिविटी ठप होने से घर वापसी की राह अनिश्चित हो गई है।

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बहरीन में परिवार संग रहता हूं। हमारे घर के ऊपर से मिसाइल गुजरी है। अमेरिकी बेस घर से 12 किमी की दूरी पर है। शनिवार रात व रविवार दोपहर तक कई बार सायरन की गूंज से पूरा परिवार डरा सहमा है। रमजान में हम सब लोग अल्लाह से जंग खत्म होने और सबके सलामती की दुआ कर रहे हैं। - अब्दुल अजीज फारूकी, मऊआइमा।

मैं और मेरे परिवार के पांच लोग सऊदी अरब के राजधानी रियाद के अल-बतहा इलाके में रहकर इलेक्ट्रॉनिक शॉप पर काम करते हैं। हमारी शॉप से चंद दूरी पर ही अमेरिकी एयरवेज है। जहां शनिवार को कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया। उसके मलबे जगह-जगह गिरने से कई लोग चोटिल हुए। हम लोग डरे सहमे हैं। सभी लोगों ने छुट्टी की अर्जी दी। कफील जैसे ही छुट्टी मंजूर करता है हम अपने वतन रवाना हो जाएंगे। सभी के घर वाले भी बहुत घबराए हुए हैं। - मोबीन अहमद, बहराना।
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मैं यूएई के दुबई में रहता हूं। बुर्ज खलीफा के नजदीक ही मेरी ऑफिस है। जहां मैं काम करता हूं। शनिवार की रात मैं अपने घर मम्मी से फोन पर बात कर रहा था कि अचानक सायरन की आवाज सुनी। मैंने पहली बार इस तरह की आवाज सुनी थी। बाहर निकला तो पता चला कि थोड़ी दूर पर आग की लपटें निकल रही है। लोगों ने बताया कि दुबई स्थित अमेरिका के सैन्य अड्डे पर हमला किया गया है। मैं घर आना चाहता हूं लेकिन दुबई एयरपोर्ट पूरी तरह बंद है। - एहतेशाम अब्बासी, मऊआइमा।

कतर दो साल पहले आया था। यहां कंपनी में काम करता हूं। पिछले कई दिनों से हम मोबाइल पर ईरान-इस्राइल के बीच तनातनी की खबरें देख रहे थे। शनिवार को जब कतर स्थित अमेरिकी एयरवेज पर मिसाइल से हमला हुआ तो अफरातफरी मच गई। लोग घरों में कैद हो गए। सरकार का भी सख्त आदेश है कि बेवजह घरों से बाहर न निकलें और सायरन बजने पर घरों से बाहर न निकलें। घर वाले फोन कर आने की बात कह रहे हैं। - मो. सईद, अलावलपुर।

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अबूधाबी से वीडियो कॉलिंग के जरिये आशीष ने बताए हालात

संयुक्त अरब अमीरात के अबूधाबी में रह रहे प्रतापपुर विकास खंड के रस्तीपुर गांव निवासी इंजीनियर आशीष मिश्रा ने मिसाइल हमलों के बीच अपने हालात साझा किए। वीडियो कॉल पर उन्होंने बताया कि लगातार मोबाइल अलर्ट और आसमान में मिसाइलों की आवाज से डर का माहौल है लेकिन स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और वे सुरक्षित हैं।

आशीष मिश्रा ने बताया कि रात से ही चेतावनी संदेश मिल रहे हैं और समय-समय पर मिसाइल दागी जाती हैं। जब तेज धमाके होते हैं तो हम खिड़की से बाहर झांककर देखते हैं। कई बार मिसाइलें हमारे घर के ऊपर से गुजरती दिखाई देती हैं।

उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके आसपास कोई सीधे खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन आसमान से गुजरती मिसाइलों के कारण चिंता बनी रहती है। रविवार दोपहर बाद भी एक मिसाइल छत के ऊपर से गई, जिसे सुरक्षा बलों ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया। आशीष मिश्रा ने कहा कि यहां रह रहे लोग सतर्क हैं और सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा है। विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए यह समय तनावपूर्ण है।
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