पीड़ित ने 26 फरवरी को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामले में पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर देकर मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। प्रकरण की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग की जा रही है। प्रारंभिक जांच में निवेश और आईपीओ के नाम पर ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है।
क्या है आईपीओ एलाटमेंट
आईपीओ यानी इनसियल पब्लिक ऑफिरिंग, जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचती है और स्टॉक मार्केट में लिस्ट होती है। यदि आप कंपनी के आईपीओमें निवेश करना चाहते हैं, तो आपको बैंक के माध्यम से या ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म से आवेदन करना होता है। आईपीओ में बहुत लोग आवेदन करते हैं। अगर शेयर की डिमांड ज्यादा है, तो सभी को शेयर नहीं मिलते। कंपनी तय करती है कि किसे कितने शेयर मिलेंगे। यह प्रक्रिया लॉटरी या रैंडम अलॉटमेंट के आधार पर होती है। इसके लिए आपको सूचित किया जाता है कि आपको कितने शेयर मिले। अगर आपको शेयर नहीं मिलता, तो आपका पैसा वापस बैंक अकाउंट में लौट जाता है।