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Cyber Fraud Case : साइबर ठगों ने रिटायर्ड कैप्टन को लगाया 13.97 लाख का चूना, एफआईआर दर्ज

Sun, 01 Mar 2026 05:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को आईपीओ में अलॉटमेंट और भारी मुनाफे का झांसा देकर 13,97,499 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए साइबर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
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साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को आईपीओ में अलॉटमेंट और भारी मुनाफे का झांसा देकर 13,97,499 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए साइबर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है। मामला थाना धूमनगंज क्षेत्र के सुलेम सराय का है।

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पीड़ित शशिकांत मिश्रा पुत्र निवासी भोला का पूरा, सुलेम सराय धूमनगंज ने बताया कि वे वर्ष 2023 में सेना से कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में एक निजी अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत हैं। उन्होने बताया कि उनके मोबाइल पर न्यू बेरी ग्रुप के नाम से एक लिंक आया। लिंक पर क्लिक करने के बाद राजेश मोदी और मीना जोशी नामक व्यक्तियों ने कॉल कर संपर्क किया। जालसाजों ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए आईपीओ में गारंटीड अलॉटमेंट और दोगुना रिटर्न का दावा किया।

झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में कुल 13,97,499 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित को जालसालों के द्वारा बनाए गए फर्जी ऐप/पोर्टल पर आईपीओ की वैल्यू 64 लाख रुपये तक बढ़ती हुई दिखाई गई। इतना ही नहीं, जालसाजों ने पीड़ित को 8 लाख रुपये का लोन देने का भी लालच दिया गया। लेकिन जब पीड़ित ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो “विथड्रॉल ऑप्शन” बंद कर दिया गया। इसके बाद जालसाजों ने कहा कि पहले 8 लाख रुपये का लोन चुकाना होगा, तभी निकासी संभव होगी। यहीं से पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

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पीड़ित ने 26 फरवरी को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामले में पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर देकर मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। प्रकरण की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग की जा रही है। प्रारंभिक जांच में निवेश और आईपीओ के नाम पर ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है।

क्या है आईपीओ एलाटमेंट

आईपीओ यानी इनसियल पब्लिक ऑफिरिंग, जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचती है और स्टॉक मार्केट में लिस्ट होती है। यदि आप कंपनी के आईपीओमें निवेश करना चाहते हैं, तो आपको बैंक के माध्यम से या ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म से आवेदन करना होता है। आईपीओ में बहुत लोग आवेदन करते हैं। अगर शेयर की डिमांड ज्यादा है, तो सभी को शेयर नहीं मिलते। कंपनी तय करती है कि किसे कितने शेयर मिलेंगे। यह प्रक्रिया लॉटरी या रैंडम अलॉटमेंट के आधार पर होती है। इसके लिए आपको सूचित किया जाता है कि आपको कितने शेयर मिले। अगर आपको शेयर नहीं मिलता, तो आपका पैसा वापस बैंक अकाउंट में लौट जाता है। 
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