शहर-शहर एजेंट, राजस्थान से लेते हैं लाइन
शहर में अधिकांश जगहाें पर चल रहे सट्टे मुख्यत: राजस्थान से संचालित हो रहे हैं। शहरों में बैठे अलग-अलग एजेंट राजस्थान से ही मेन लाइन लेकर सट्टा संचालित करा रहे हैं। सट्टे का भाव क्या रहेगा, यह राजस्थान से ही तय होता है। मेन लाइन से ही कनेक्ट होकर शहर में अलग-अलग जगहाें पर सट्टा लगाया जा रहा है।
मैच शुरू होते ही भाव खुलता है और फिर सटोरिये संचालकों के पास कॉल कर दांव लगाते हैं। उनसे रकम भी ऑनलाइन यूपीआई से जमा कराई जाती है और जीतने पर भुगतान भी इसी माध्यम से किया जाता है। कुछ सट्टेबाजों ने व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए हैं। इसमें किसी को तभी जोड़ा जाता है, जब ग्रुप का कोई सदस्य उसे जानता हो।
नेवादा मुख्य केंद्र, इन इलाकों में भी फैला जाल
शहर में इस समय राजापुर, नेवादा कछार सट्टेबाजी का मुख्य केंद्र है। यहां बड़े पैमाने पर सट्टे का संचालन हो रहा है। इसके अलावा नैनी, धूमनगंज, खुल्दाबाद, शिवकुटी व अतरसुइया आदि इलाकों में भी रोजाना सटोरियों का जमावड़ा हो रहा है। शहर में आईपीएल के दौरान कई सट्टेबाज गिरोहों का भंडाफोड़ पूर्व में किया जा चुका हैं। टैगोर टाउन में दो साल पहले सट्टेबाज गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सिविल लाइंस, नैनी, फाफामऊ आदि में भी गिरोह पकड़े जा चुके हैं।
पुराने सट्टेबाजों पर नजर, एसओजी को किया गया अलर्ट
पूर्व में भी सट्टेबाज गिरोह के सदस्यों पर कार्रवाई की गई है। अब एसओजी को अलर्ट किया गया है। पूर्व में सट्टेबाजी में पकड़े गए लोगाें पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं भी इस तरह की कोई गतिविधि में संलिप्त मिलता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सतीश चंद्र, एडीसीपी अपराध