आइपीएल में कोलकाता के खिलाफ छठवीं गेंद पर जैसे ही पांचवां छक्का लगा, यश दयाल की आंखों से आंसू छलक पड़े। यश के आंसू ने प्रयागराज की धरती तक लोगों को भावुक बना दिया। पिता चंद्रपाल ने कहा कि उन्होंने आखिरी गेंद पर छक्का देखा तो फौरन टीवी बंद कर दी। उनकी हिम्मत नहीं रह गई थी कि वह बेटे का उदास चेहरा देख पाएं।
हालांकि कुछ घंटे के बाद यश से बात हुई तो उन्होंने उसको प्रोत्साहित किया। कहा तुम भारत का भविष्य हो, उठो और अगले मैच की तैयारी करो। इस तरह के छक्के लगने से किसी का करिअर थम नहीं जाता है। कई खिलाड़ी इस लम्हे से गुजर कर स्टार गेंदबाज बने हैं। चंद्रपाल ने कहा कि वह भले यश के पास मौजूद नहीं हैं, लेकिन टीम के सदस्य जिस तरह से यश के साथ खड़े हैं और उसे प्रोत्साहित कर रहे हैं इससे उन्हें महसूस होता है कि गुजरात टाइटंस एक टीम न होकर एक अभिभावक की तरह है।
खराब प्रदर्शन में चोट की भी रही भूमिका
चंद्रपाल दयाल बताते हैं कि मैच के दौरान यश को चोट भी लगी थी। उसके दोनों घुटने छिले हुए थे, लेकिन वह अपने आपको साबित करना चाहता था। चोट के बावजूद यश ने गेंदबाजी की। शायद ये भी एक वजह रही हो। हालांकि वह फिर से वापसी करेगा और अपनी गेंदबाजी से सबको जवाब देगा।
सोशल मीडिया पर यश के समर्थन में पोस्ट
सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट के प्रशंसक यश के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। खुद रिंकू ने यश का हौसला बढ़ाया है। संगमनगरी के क्रिकेट के जानकार खुर्शीद राइन ने लिखा कि जिस वक्त अंतिम ओवर चल रहा था, उस पूरे ओवर के दौरान यश के पास कोई भी सीनियर गेंदबाज नहीं आया। चौथी गेंद पर कप्तान राशिद खान व जयंत और पांचवीं गेंद के बाद मिलर व गिल यश से बात करते दिखे। ऐसे मौके पर शमी या जोसेफ को आगे बढ़कर यश को गेंदबाजी के टिप्स देने थे और हौसला बढ़ाना था। सिर्फ एक गेंद ही जीत के लिए काफी थी।
पिता जाएंगे हौसला बढ़ाने
पिता चंद्रपाल ने बताया कि वह अगले मैच में यश का हौसला बढ़ाने के लिए जा रहे हैं। यश उन्हें देखेगा तो और मजबूत होगा। वहीं मां राधा दयाल और बहन सूची दयाल पूजा- अर्चना कर यश के लिए प्रार्थनाएं करेंगी। मां और बहन लगातार यश से बात कर उसके हौसले को बढ़ा रही हैं।