उधर परिजनों की ओर से आला अफसरों से मुलाकात कर विवेचना निष्पक्ष तरीके से कराए जाने की मांग लगातार की जा रही थी। इसी को देखते हुए पुलिस अफसरों ने मुकदमे की विवेचना एसआईटी से कराने का निर्णय लिया। साथ ही टीम भी गठित कर दी।
अब तक इस मामले की विवेचना कोतवाली थाना प्रभारी रोहित तिवारी कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी के गठन के बाद विवेचना ट्रांसफर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही एसआईटी को एफआईआर की कॉपी के साथ ही अब तक कि विवेचना से जुटाए गए साक्ष्य आदि सौंपे जाएंगे। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि परिजनों की मांग पर विवेचना एसआईटी से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। एसआईटी गठित कर दी गई है। टीम जल्द ही विवेचना अपने हाथों में लेगी।
मौजूदा विवेचक से संतुष्ट नहीं परिजन
पुलिस सूत्रों का कहना है कि विवेचना एसआईटी से कराए जाने की वजह परिजनों का मौजूदा विवेचक से संतुष्ट न रहना रहा। उन्होंने अफसरों से मुलाकात की और बार-बार मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे थे। इस बारे में मुकदमा वादी डॉक्टर कार्तिकेय की बहन अंजलि श्रीवास्तव ने सिर्फ इतना बताया कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष तरीके से विवेचना कराए जाने का आग्रह किया था। संभवत: इसी को लेकर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहती हैं कि उनके भाई को न्याय मिले।
आरोपियों, साथी व पीएम करने वाले डॉक्टरों का हो चुका है बयानइस मामले में अब तक तीनों आरोपियों के अलावा डॉक्टर कार्तिकेय के साथियों व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी स्टेट मेडिको लीगल सेल को भेजी जा चुकी है। उधर इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी आंतरिक जांच करा चुका है।