सड़क पर खड़े होकर शराब पीते पकड़ा गया था
शनिवार रात कर्नलगंज पुलिस की टीम गश्त पर थी। हालैंड हॉल हॉस्टल के पास देर रात कुछ युवक सड़क पर खड़े होकर शराब पीते मिले। पुलिस इन्हें थाने ले आई और पूछताछ के बाद बैठा लिया। सुबह बिना कार्रवाई उन्हें थाने से छोड़ दिया गया। हंगामा तब मचा, जब पता चला कि जिन युवकों को छोड़ा गया, उनमें आलोक परिहार भी शामिल था। वह रंगदारी मांगने और बमबाजी के मामले में पिछले 10 महीने से वंचित चल रहा था और उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में थाने के एक कारखास सिपाही और हेड मुहर्रिर की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है।
रंगदारी न देने पर लाॅज पर चढ़कर की थी फायरिंग व बमबाजी
आलोक परिहार जिस घटना में नामजद है वह सलोरी में पिछले साल दो मई को हुई थी। लाॅज मालिक दुर्गेश कुमार शुक्ला ने तहरीर देकर आलोक समेत चार नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ फायरिंग, बमबाजी व रंगदारी मांगने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि आरोपी उससे रंगदारी मांग रहे थे और पूर्व में भी 10 हजार रुपए वसूल चुके थे। दो मई की रात व शहर से बाहर था और इसी दौरान देर रात पहुंचकर उसके लाॅज पर फायरिंग-बमबाजी कर सनसनी फैला दी थी।
कर्नलगंज पुलिस ने 25 हजार के इनामी को गिरफ्तार
कर्नलगंज पुलिस ने 25 हजार के इनामी आलोक परिहार को देर रात कर्नलगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। एक दिन पहले ही उसे पुलिस ने थाने से छोड़ दिया था। जिसकी जांच एसीपी ने सोमवार को शुरू कर दी थी। दिन में दरोगा और सिपाहियों के बयान भी दर्ज हुए थे। पुलिस ने शनिवार की रात हालैंंड हास्टल के पास से सड़क पर खड़े होकर शराब पीते देखकर कुछ युवकों को पकड़ा था। सुबह सभी को बिना कार्रवाई के ही चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। बात में पता चला कि पकड़े गए युवकों में 25 हजार का इनामी आलोक परिहार भी था। इसके बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
मामले को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो हड़कंप मच गया। एसीपी कर्नलगंज राजेश यादव को जांच सौंपी गई। उन्होंने सोमवार को दरोगा और सिपाहियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। जांच चल ही रही थी कि पुलिस को पता चला कि आलोक कर्नलगंज इलाके में ही है। पुलिस ने दबिश देकर आलोक परिहार को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि आलोक से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ सलोरी में लॉज मालिक दुर्गेश शुक्ला ने बमबाजी और रंगदारी का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में उस पर इनाम घोषित किया गया था।