इसके बाद इस मामले की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता और मेला डिवीजन के एक्सईएन की दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई। यह कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। मंत्री की ओर से कहा गया है कि कुंभ मेला डिवीजन की कई सड़कों पर बिना काम कराए ही भुगतान करा दिया गया है। जिन सड़कों का काम स्टोर प्रभारी रहे अवर अभियंता ने कराया, उनकी गुणवत्ता बेहद खराब है।
इस मामले में एक्सईएन दिनेश कुमार सिंह ने अभियंता की ग्रेच्युटी, पेंशन समेत अन्य देयकों के भुगतान पर रोक लगा दी है। कहा जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें सिर्फ अवर अभियंता तक सिमटी नहीं हैं। इसकी जांच सही तरीके से कराई गई तो कुंभ मेला डिवीजन के तत्कालीन मुख्य अभियंता, एक्सईएन और एई का भी गला नप सकता है। फिलहाल इस मामले को लेकर कुंभ मेला डिवीजन में पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और मामले की लीपापोती के भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।