अंडर-15 में तमिलनाडु के आदित्य ने यूपी के राघव वशिष्ठ को और कर्नाटक के विवान श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश के विहान दास को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अंडर-17 में राज्सथान के सुभाष चौधरी ने महाराष्ट्र के ईशान दाब्के को हराया। अंडर-19 मेंं प्रयागराज के अंश त्रिपाठी ने यूपी के रचित कुमार शैल्य को और सिकंदराबाद के निशकल द्विवेदी ने यूपी के करण यादव को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
बालिका अंडर-12 में हरियाणा की अराधना सिंह ने पश्चिम बंगाल की आलिया कंकरिया और हरियाणा की आध्या ग्रोवर ने तमिलनाड़ु की धीर्ती गंजी को हराया। अंडर-13 में मध्य प्रदेश की अनिका कलंकी ने यूपी की श्रेया श्रीवास्तव और तमिलनाडु की दिव्या पर्सरमपुरिया ने तमिलानाडु की आरना द्विवेदी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
अंडर-15 में तमिलनाडु की क्रिया सरवनन ने मध्य प्रदेश की सानवी कलंकी और हरियाणा की देवश्री अरोरा ने दिल्ली की अहाना सिंह को हराया। अंडर-17 में दिल्ली की अराध्या पोरवाल ने तमिलनाडू की सान्वी श्री और चंडीगढ़ की सहर नायर ने मध्य प्रदेश की आशनी पाठक को हराया। पुरुष वर्ग में 35 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में झारखंड के सहज गुलहती ने दिल्ली के नितिन अग्रवाल को और दिल्ली के अमोल कालरा ने पश्चिम बंगाल के अमनींद्र सिंह को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
45 से अधिक आयुवर्ग में चंडीगढ के सौरभ नायर ने चंडीगढ के विकास नायर और पश्चिम बंगाल के दलीप त्रिपाठी ने दिल्ली के रनवीर सिंह को हराकर फाइनल में जगह बनाई। 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में महाराष्ट्र के ललित कुमार अग्निहोत्री और दिल्ली के अजय कोहली को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
भाई-भाई की भिड़ंत, बेटी ने की पिता की हूटिंग
स्क्वैश प्रतियोगिता में रविवार को एक दिलचस्प नजारा दिखाई दिया। मौका था पुरुष वर्ग में 45 वर्ष से अधिक के सेमीफाइनल मैच का। इस मैच में चंडीगढ़ के सौरभ नायर का सामना उनके बड़े भाई विकास नायर से हुआ। संघर्ष भरा यह मैच सौरभ ने 3-1 के अंतर से अपने नाम किया। दर्शक दीर्घा में बैठी सौरभ की बेटी सहर नायर निराश हो गई। वजह पूछने पर मालूम चला कि वह पिता को ताऊ से हारते हुए देखना चाहती थी।
सहर बोलीं, पिताजी हमेशा ही ताऊ को हरा देते हैं। इससे ताऊ के चेहरे पर छाई निराशा उनसे देखी नहीं जाती है। भाई-भाई की भिड़ंत को देखने के लिए दर्शक दीर्घा में लोगों की खूब भीड़ जुटी रही। सौरभ ने जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई तो वहीं अगले ही मुकाबले में बेटी सहर ने भी मध्य प्रदेश की आशिनी पाठक को हराकर अपने आयुवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
सहर के परिवार में सभी स्क्वैश के खिलाड़ी हैं। बहन नेमत, भाई ईशान भी स्क्वैश के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। भाई-बहन, पिता-ताऊ की जोड़ी जब कोर्ट पर अभ्यास करती है, तो सभी एक दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी दिखाई देते हैं। वहीं, कोर्ट के बाहर फिर से वह आपस में हंसते बोलते दिखाई देते हैं। सहर ने बताया कि वह एशियन जूनियर में चयनित होने के लिए पसीना बहा रही हैं। उनके पसंदीदा खिलाड़ी उनके पिता व कोच सौरभ नायर ही हैं।