फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज : घुंघुरू-तबले की नोंकझोक से झंकृत हुआ अंतरराष्ट्रीय हंडिया माटी महोत्सव, नर्तकों ने लगाई तिहाइयां

Sun, 24 Dec 2023 12:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कथक केंद्र की निदेशक उर्मिला शर्मा के साथ बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह और डॉ. रेखा सिंह ने दीप जलाकर माटी महोत्सव का आगाज किया। नटवरी नृत्य के जन्मदाता पं. ईश्वरी प्रसाद और कथक नृत्य सम्राट पं. बिरजू महराज की स्मृति में यह 27वां माटी महोत्सव संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से कथक केंद्र की ओर से हंडिया पीजी कालेज के सभागार में किया गया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय कथक महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कथक नृत्य की जड़ें दुनिया भर में जिस धरा से फैलीं, उन्हें शनिवार को छंदों-अलंकारों की बंदिशों पर थिरकन से सींचा गया। मौका था कथक नृत्य का किचकिला गांव में कभी बीज रोपने वाले पं. ईश्वरी प्रसाद मिश्र की पुण्यतिथि पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय माटी महोत्सव का। इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए बनारस से लेकर लखनऊ घराने तक के कथक नर्तकों ने एक से बढ़कर एक तिहाइयां लगाईं। हंडिया से लगे किचकिला गांव में नटवरी नृत्य की जिन भावपूर्ण तिहाइयों को ईश्वरी प्रसाद मिश्र ने साधा, वही बाद में कथक शैली के रूप में विख्यात हो गई।

विज्ञापन














कथक केंद्र की निदेशक उर्मिला शर्मा के साथ बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह और डॉ. रेखा सिंह ने दीप जलाकर माटी महोत्सव का आगाज किया।
नटवरी नृत्य के जन्मदाता पं. ईश्वरी प्रसाद और कथक नृत्य सम्राट पं. बिरजू महराज की स्मृति में यह 27वां माटी महोत्सव संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से कथक केंद्र की ओर से हंडिया पीजी कालेज के सभागार में किया गया।

विज्ञापन

कथक महोत्सव का शुभारंभ करते जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से मन मोहा

सबसे पहले खुशी साहू और सृष्टि भटनागर ने शिव स्तुति पर आधारित नृत्य से आगाज किया। राग यमन पर आधारित सचिन प्रसन्ना का बांसुरी वादन तथा सृष्टि भटनागर, खुशी साहू, आर्या पांडेय द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मोहक गीत मधुराष्ट्रकम पर आधारित नृत्य प्रस्तुति सराही गई। इनके बाद कथक केंद्र की कलाकार उन्नति मिश्रा, अमृता सिंह, काव्या, आशिता सिंह, प्रज्ञा यादव, आशिता विश्वकर्मा, समृद्धि श्रीवास्तव ने अग्निसुता द्रौपदी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

फिर बारी आई गजल गायक आशुतोष श्रीवास्तव की। उन्होंने कई प्रस्तुतियां दीं। इनके बाद कथक क्वीन सितारा देवी के पौत्र विशाल कृष्णा ने बनारस घराने की पुरानी बंदिशों, तालों पर मोहक नृत्य किया। थाली और मयूर नृत्य पर उनकी तिहाइयां यादगार रहीं। इनके बाद अर्चना तिवारी की कथक प्रस्तुति सराही गई। कथक केंद्र की निदेशक उर्मिला शर्मा ने कलाकारों को अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया। संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक संजय पुरुषार्थी ने किया। इस मौके पर डॉ. दीपा सिंह, डॉ. ज्योत्सना सिंह, डॉ. मधुलिका शुक्ला, सीबी सिंह आचार्य, प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र, राजेश कुमार तिवारी, प्रसून सिंह सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विज्ञापन

हंडिया की माटी से निकला है नटवरी नृत्य

हंडिया। नटवरी नृत्य के जन्मदाता पं. ईश्वरी प्रसाद मिश्र हंडिया के किचकिला गांव के निवासी थे। उनके वंशज कथक सम्राट बिरजू महराज ने अपनी नृत्य साधना की पूरी दुनिया में छाप छोड़ी है। राज घरानों से जुड़कर इस नृत्य विधा के जन्मदाता अपनी पैतृक भूमि से जरूर दूर रहे, लेकिन इनके शिष्य और अनुयायी उनकी स्मृति में अपनी कला का हंडिया की माटी पर प्रदर्शन करके विधा को जीवंत कर रहे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें