प्रयागराज। सूबे में अब अंतरजनपदीय समन्वय के जरिए अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह का रिकॉर्ड तैयार होगा। जरूरत पड़ने पर इसे अलग-अलग जनपदों की पुलिस एक-दूसरे से साझा कर सकेगी। यह जानकारी सोमवार को शहर पहुंचे एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने दी।
एडीजी कानून व्यवस्था ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि अलग-अलग जिलों में कई गिरोह सक्रिय होते हैं। इसकी मॉडस ऑपरेंडी भी अलग-अलग होती है। हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं हैं, जिनमें पता चला कि इन गिरोहों ने आसपास के जनपदों में जाकर वारदातों को अंजाम दिया और फिर अपने जिले में आकर शांत बैठ गए। अलग-अलग जनपदों की पुलिस का आपस में समन्वय न होने से गिरोह की जानकारी संबंधित जिले की पुलिस को नहीं मिल पाती।
इसका फायदा अपराधियों को मिलता है और वह पकड़े नहीं जाते। यही वजह है कि अब ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने के लिए अंतरजनदीय समन्वय का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस लाइन में रेेंज के चार जिलों के साथ ही आसपास के चार अन्य जनपदों के पुलिस अफसरों संग बैठक की गई। उन्हें कहा गया कि अपने-अपने जनपदों में सक्रिय गिरोहों का रिकॉर्ड तैयार करें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे उस जिले की पुलिस को उपलब्ध कराया जा सके जहां इस गिरोह की मॉडस ऑपरेंडी से वारदात को अंजाम दिया गया हो। बैठक में जिला पुलिस के साथ ही प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, भदोही, जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी पुलिस प्रमुखों के साथ ही एसटीएफ अफसर भी मौजूद रहे।
जल्द होगा बड़ी वारदातों का खुलासा
बैठक के बाद एडीजी कानून व्यवस्था ने मीडिया से भी बातचीत की। सिविल लाइंस में डेढ़ करोड़ की चोरी, मऊआइमा में ग्रामीण बैंक व फाइनेंस कंपनीकर्मी से लूट और बैंक मैनेजर की हत्या का खुलासा न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी मामलों में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जांच में लगी टीमों को अहम क्लू मिले हैं और जल्द ही इन मामलों का खुलासा किया जाएगा। जेल से आपराधिक वारदातों की साजिश रचे जाने के मामले में उनका कहना था कि सभी जिला कप्तान व प्रशासनिक अफसरों की टीम लगातार जेलों में औचक निरीक्षण करने पहुंच रही हैं। अनियमितता पाए जाने पर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जा रही है, जिसके बाद कार्रवाई भी की जा रही है। हाल के दिनों में कई अपराधियों का जेल स्थानांतरण इसी कार्रवाई का नतीजा है।
अचानक मऊआइमा थाने पहुंचे, किया निरीक्षण
पुलिस लाइन में बैठक खत्म होने के बाद एडीजी कानून व्यवस्था शाम को अचानक मऊआइमा थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाने में रखे कागजातों, बैरक व ड्यूटी रजिस्टर आदि का निरीक्षण किया। साथ ही हाल ही में हुई ग्रामीण बैंक मेें लूट, बैंक मैनेजर की हत्या व फाइनेंस कंपनीकर्मी से लूट मामले की प्रगति के बारे में भी जाना। सूत्रों की मानें तो एडीजी पहले निरीक्षण के लिए धूमनगंज थाने जाने वाले थे लेकिन अचानक उन्होंने अपना प्लान बदल दिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसएसपी भी मौजूद रहे।