यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने शिव सागर लाल की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि यदि याची की 2018 में बर्खास्तगी मान भी ली जाए तो भी उसे 1989 से 2018 तक 29 साल की सेवा पर ग्रेच्युटी पाने का हक है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र राज्य परिवहन निगम, कानपुर में कंडक्टर पद से बर्खास्त शिव सागर लाल को 29 साल की सेवा की ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रबंध निदेशक लखनऊ व क्षेत्रीय प्रबंधक कानपुर को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। कोर्ट ने याचिका पर जवाब मांगा है। जिसमें बर्खास्तगी को चुनौती दी गई है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने शिव सागर लाल की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि यदि याची की 2018 में बर्खास्तगी मान भी ली जाए तो भी उसे 1989 से 2018 तक 29 साल की सेवा पर ग्रेच्युटी पाने का हक है। जिस पर कोर्ट ने ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्देश दिया है।