इलाहाबाद। जंक्शन से पकडे़ गए बच्चों के साथ उत्पीड़न के मामले में आरोपी संस्था मानव कल्याण सेवा समिति को बंद कर दिया गया है। वहां पहले से मौजूद 15 बच्चों को राजरूपपुर स्थित बालगृह बालक में शिफ्ट कर दिया गया है। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर सेवा समिति के साथ रेलवे चाइल्ड लाइन तथा साथी संस्था के अरमान हुसैन के खिलाफ भी अलग-अलग आरोपों में किशोर अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा लिखाया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जंक्शन से पकड़े गए तीनों बच्चों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया।
रेलवे चाइल्ड लाइन कर्मियों ने बृहस्पतिवार को तीन लावारिस बच्चों को जंक्शन से पकड़ा था। इसके बाद उन्हें फाफामऊ में रंगपुर के मानव कल्याण सेवा समिति ले जाया गया, लेकिन बच्चों ने वहां रहने से मना कर दिया। इस पर बच्चों की पिटाई के साथ उनके हाथ पैर भी बांध दिए गए। बच्चाें के साथ हुए उत्पीड़न की वीडियो भी बनाई गई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई। एडीएम सिटी पुनीत शुक्ला और जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा ने शुक्रवार को जांच में प्रथम दृष्टया आरोप को सही पाया। पंकज मिश्रा ने बताया कि यह गंभीर मामला है। इस आधार पर समिति को बंद कर दिया गया है।
समिति के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। बच्चों के साथ मारपीट तथा बांधने में रेलवे चाइल्ड लाइन के कर्मचारियों के भी शामिल होने की बात आ रही है। इसके अलावा वहां पर किसी तरह का वीडियो बनाने पर रोक है, इसके बावजूद साथी संस्था के लोगों ने वीडियो बनाई और उसे वायरल कर दिया। इसलिए इन दोनों संस्थाओं के खिलाफ भी किशोर अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर लिखाई गई है। उन्होंने बताया कि जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एडीएम सिटी पुनीत शुक्ला ने बताया कि डीएम को भी जांच आख्या सौंप दी गई है।
उधर, रेलवे चाइल्ड लाइन के संयोजक अजीत सिंह का कहना है कि जंक्शन से बच्चों को पकड़ने के बाद उन लोगों ने संस्था को सौंप दिया। इसके बाद वे लोग वहां से चले गए। इसलिए बच्चों के साथ क्या हुआ उन्हें कुछ जानकारी नहीं है।