छह महीने तक दौड़ाया, तब लिखी रिपोर्ट
इस प्रकरण में एक खास बात यह है कि भुक्तभाेगी अफसर पिछले छह महीने से रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने के चक्कर काटता रहा। पिछले साल नवंबर में ही उसने मामले की शिकायत धूमनगंज थाने में की थी। इसके बाद पुलिस अफसरों को भी शिकायती पत्र दिया था। लेकिन उसे टरकाया जाता रहा। तीन दिन पहले उसने एक बार फिर एक वरिष्ठ अफसर से शिकायत की और तब जाकर उनके आदेश पर धूमनगंज थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। उक्त बातों का जिक्र उसने अपनी तहरीर में भी किया है।