इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामूली कहासुनी के दौरान आठ वर्षीय मासूम की हत्या में फांसी की सजा पाए चाचा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने दीपू की जमानत अर्जी दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामूली कहासुनी के दौरान आठ वर्षीय मासूम की हत्या में फांसी की सजा पाए चाचा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने दीपू की जमानत अर्जी दिया है।
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मामला कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने 23 जुलाई 2024 को मासूम काव्या की हत्या व पांच लोगों पर हमला किया था। जिला अदालत ने 10 महीने में ट्रायल तय कर दीपू को फांसी और 15 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
सजा की पुष्टि के ट्रायल कोर्ट ने मामले को हाईकोर्ट को संदर्भित किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी वापस ले ली। इस आधार पर कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट से आई फाइल अंतिम सुनवाई के लिए तैयार है। लिहाजा, 24 मार्च को मामले में अंतिम सुनवाई होगी।