पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता संजय ने बताया कि उसकी बहन पूजा की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह उन लोगों को भी मार दिया करती थी। लेकिन, कभी बच्चों को नहीं मारती थी। उस दिन उसने ऐसा कैसे कर दिया,उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है।
मेजा के हरगढ़ में बुआ ने जिन दो मासूमों को पटरे से मारकर हत्या की थी, बृहस्पतिवार को पिता के आने के बाद दोनों का वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों के पैनल पाेस्टमार्टम किया। अभि के सिर में कील घुसने से मौत हुई थी, जबकि दूसरे भाई की आंख के ऊपर पटरे से चोट के निशान मिले। परिजनों ने दारागंज घाट पर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता संजय ने बताया कि उसकी बहन पूजा की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह उन लोगों को भी मार दिया करती थी। लेकिन, कभी बच्चों को नहीं मारती थी। उस दिन उसने ऐसा कैसे कर दिया,उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को शाम को किसी बात से नाराज होकर उनकी पत्नी पार्वती को मारने के लिए दौड़ाई थी।
वह घर के अंदर भाग गई और बाहर उनके तीनों बच्चे अनन्या (8), लकी (5) व अभि (3) बाहर खेल रहे थे। जब वह उनकी पत्नी को नहीं पाई तो बच्चों को मारने के लिए दौड़ी। उनकी बड़ी बेटी अनन्या तो बाथरूम में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर ली। लेकिन, उनके दोनों बच्चे वहीं पर खेलते ही रह गए।