इसके बाद विज्ञान प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र ट्रिपलआईटी की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 माह के प्रशिक्षण में चयनित युवाओं को सूचना एवं संचार तकनीक के साथ व्यवसाय के लिए आवश्यक उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही एक जिला एक उत्पाद व क्षेत्र के अनुकूल अन्य व्यवसायों के बारे में बताया जाएगा। इसमें विभिन्न नियम कानून, सरकारी योजनाओं से ऋण लेने, दैनिक जीवन में काम आने वाले उपकरणों आदि के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त इन युवाओं की एक टीम बनाकर उनके नाम से कंपनी बनाई जाएगी। उन्हें व्यवसाय के लिए आर्थिक सहयोग भी मिलेगा।
ओएनडीसी और सेवा मित्र पोर्टल करेंगे सहयोग
इन कंपनियों को ओएनडीसी (ओपेन नेटवर्क डिजिटल कामर्स) एक प्लेटफार्म प्रदान करेगा। इसके तहत कंपनियां अपना उत्पाद बेचने के लिए एक एप बना देंगी। इसके बाद सब काम ओएनडीसी का होगा। इसमें सेवा मित्र पोर्टल भी सहयोग करेगा।
नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू होगा आवेदन
प्रोफेसर पुरोहित ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह से ऐसे युवाओं को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू हो जाएगा। साथ ही युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने के लिए आवेदन लिया जाएगा।
यह अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ दो जिलों प्रयागराज और वाराणसी में चलेगा। यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो डीएसटी की ओर से पूरे देश में इसे शुरू किया जाएगा। इससे न सिर्फ एससी-एसटी वर्ग के युवाओं को तकनीकी का उपयोग करते हुए अपना रोजगार शुरू करने का अवसर मिलेगा, बल्कि वह अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराएंगे। - प्रो. नीतेश पुरोहित, ट्रिपलआईटी।