इलाहाबाद। जनसूचना अधिकार के तहत संबंधित अफसर और प्रथम अपीलीय अधिकारी की ओर से सूचना देने में हीलाहवाली की जा रही है। इस वजह से राज्य सूचना आयोग में 50 हजार अपीलें लंबित हैं। माना जा रहा है कि नियम-कानून की सही जानकारी न होने के कारण सूचनाओं का प्रेषण समय से नहीं हो पा रहा है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में 18 हजार जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को नियमों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण शुरू कराया गया है। सोमवार को इलाहाबाद कमिश्नरी में राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी से चार दिनी कार्यशाला का उद्घाटन किया।
मुख्य सूचना आयुक्त ने बताया कि सूचना देने में हीलाहवाली करने वाले ऐसे अफसरों की फेहरिस्त लंबी है, जिन पर अर्थदंड लगाया गया है। ऐसे अफसरों के वेतन से अर्थदंड की वसूली की जाएगी। इन अफसरों की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में राज्य सूचना आयोग में 33 हजार नई अपीलें दाखिल हुईं और 37 हजार का निस्तारण किया गया। यानी चार हजार पुरानी अपीलें भी निस्तारित की गईं। लक्ष्य है कि एक साल के भीतर ही अपीलों को निस्तारण कर दिया जाए। बताया कि जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए यूपी एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके लिए धनराशि केंद्र सरकार से मुहैया कराई गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम अनवरत जारी रहेगा। कार्यक्रम में सूचना आयुक्त पारसनाथ गुप्ता, कमिश्नर राजन शुक्ला, डीएम संजय कुमार आदि मौजूद रहे।