यह होंगे अहम बदलाव
बीएनएस में सजा के तौर पर सामुदायिक सेवा का भी प्रावधान किया गया है।
20 नए अपराधों को भी इसमें शामिल किया गया है
33 अपराधों में सजा बढ़ाई गई है।
83 ऐसे अपराध हैं, जिनमें जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को लेकर भी नए कानून में प्रावधान किए गए हैं।
एक जुलाई से पूर्व में दर्ज मुकदमों की न्यायालय में कार्यवाही पुराने कानूनों के अनुसार ही होगी। कुछ बदलाव हुए हैं ऐसे में चुनौतियां तो आएंगी ही। हालांकि यह कई मायनों में बेहतर निर्णय है और इससे न्याय व्यवस्था और बेहतर होगी। शासन की ओर से सरकारी अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है। जिला बार एसोसिएशन को भी ऐसी ही पहल करनी चाहिए जिसका लाभ अधिवक्ताओं को मिलेगा। - सुशील कुमार वैश्य, एडीजीसी क्रिमिनल
बदलाव हुए हैं, लेकिन धीरे-धीरे वह अभ्यास में आ जाएगा। तकनीक के दौर में अधिवक्ता, पुलिसकर्मी हो या आम व्यक्ति, सभी को खुद को अद्यतन करना होगा। नए कानूनों में कई जटिलताओं को दूर किया गया है और यह बेहद जरूरी था। मसलन, अब ई स्वरूप में भी समन का तामील कराया जा सकता है और इससे न्यायिक कार्यवाही को निश्चित ही गति मिलेगी। - विकास गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता
पुराने कानूनों में बहुत सी चीजें अप्रासंगिक थीं और यह न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बनाती थीं। नए कानूनों के लागू होने से यह खामियां दूर होंगी और निश्चित ही न्याय पाना और भी सुलभ होगा। - विक्रम सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता