राष्ट्रव्यापी गणतंत्र सप्ताह अभियान के हिस्से के रूप में प्रयागराज स्थित युवाओं के नेतृत्व वाले पशु अधिकार संगठन ”प्रयागराज वीगन क्रांति” ने सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के सामने सेल्फी पॉइंट पर प्रदर्शन किया। भारत के दूध और बीफ के बीच के गहरे संबंध के बारे में लोगों को जागरूक किया।
कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। यह बीफ के शीर्ष वैश्विक निर्यातकों में भी शामिल है, जो हर साल 1.3 मिलियन टन से अधिक मांस का निर्यात करता है। जिस डेयरी उद्योग से हमारे दैनिक उपभोग का दूध आता है, वहीं भारत की बीफ सप्लाई चेन को भी संचालित करता है। जो पशु अब "लाभकारी" नहीं रह जाते, उन्हें आगे बेच दिया जाता है, जहां वे निर्यात सहित मांस अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन जाते हैं।
दूध भारतीय जीवन का अभिन्न अंग है और पोषण व ग्रामीण आजीविका से गहराई से जुड़ा है, लेकिन डेयरी उद्योग का वह पहलू कम दिखाई देता है जिसमें जानवरों को बार-बार प्रजनन के लिए मजबूर किया जाता है, जन्म के तुरंत बाद बछड़ों को उनकी मां से अलग कर दिया जाता है और जब दूध का उत्पादन कम हो जाता है, तो उन्हें बेच दिया जाता है, लावारिस छोड़ दिया जाता है या कत्ल के लिए भेज दिया जाता है। यह कोई अपवाद नहीं बल्कि इस उद्योग का सामान्य नियम है।
प्रयागराज के पशु अधिकार कार्यकर्ता शिवांश ने कहा, “हम इन गायों को यहां हर रोज देखते हैं - घरों के बाहर और यातायात चौराहों के पास। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि इनमें से कई गायें पास की डेयरियों से आती हैं जब वे दूध देना बंद कर देती हैं। इस प्रदर्शनी में कृष्णा, रोहित, राहुल, प्रवीण, सत्य प्रकाश, पंकज, सुजीत चौधरी- दरभंगा बिहार से, हर्ष, शिवांश, अंकितेश और शशांक ने महत्वपूर्ण भागीदारी दिखाईI