मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी के साथ मरीजों में गले में संक्रमण जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम का कुप्रभाव लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौड़िहार में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ पहुंच रही है। अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों की संख्या 196 के पार रही। इसमें अधिकांश मरीज तेज खांसी, गले में खराश से पीड़ित पाए जा रहे हैं। सीएचसी कौड़िहार अधीक्षक डॉ. अमरेश वर्मा ने बताया कि टाइफाइड और गले में खराश से ग्रसित लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा गले की परेशानी को दूर करने के लिए नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारा करना काफी फायदेमंद होता है।
इधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आनापुर में मंगलवार को मरीजों की संख्या अधिक रही। डॉ.पूनम शुक्ला ने बताया कि मरीजों में तेज बुखार, गले में खराश और खांसी के लक्षण हैं। जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी भी देखी जा रही है। अधिकांश मरीज मौसमी वायरल संक्रमण से पीड़ित हैं, जिसका असर पांच दिनों तक रहता है। समय पर इलाज से कुछ दिनों में आराम मिल जाता है। बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें, गुनगुना पानी और हल्का पौष्टिक भोजन लें। तीन दिन से अधिक तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या कमजोरी होने पर खून की जांच कराएं।