परिसर में अराजकता पर अंकुश लगाने के क्रम में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के अफसरों ने सख्त संदेश देते हुए छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, संयुक्त मंत्री श्रवण जायसवाल समेत चार छात्रनेताओं को निष्कासित कर दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आह्वान पर मुख्य परिसर में तालाबंदी तथा काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में सांस्कृतिक सचिव जितेंद्र शुक्ला सहित चार को निलंबित भी कर दिया गया है। इनके अलावा एक छात्र को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। खास यह कि दो अगस्त को छात्रों ने तालाबंदी की थी और उसी दिन इनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला हो गया था। मात्र तीन दिन बाद इसका आदेश भी जारी कर दिया गया।
परास्नातक प्रवेश परीक्षा निरस्त करने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर एबीवीपी से जुड़े छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में तालाबंदी कर दी थी। हालांकि कुलपति तथा अन्य अफसर परिसर में पहुंच चुके थे, लेकिन सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे ही तालाबंदी की वजह से अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी काफी देर बाहर रह गए। उस दिन गेस्ट फैकेल्टी के लिए साक्षात्कार भी था। ऐसे में तालाबंदी की वजह से अभ्यर्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी ने उसी दिन कुलपति को रिपोर्ट सौंप दी। इस पर कुलपति ने छात्रनेताओं के खिलाफ निष्कासन और निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की। रजिस्ट्रार से इस बाबत फाइल मिलने के बाद वर्तमान चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने नौ छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की। प्रोफेसर कुमार ने बताया कि आरोपी छात्र इसके अलावा कई अन्य घटनाओं में शामिल रहे। पीआरओ प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि इन छात्र-छात्राआें को लगातार चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन इनके खिलाफ शिकायत बनी रही। इससे परिसर का माहौल खराब होने के साथ पढ़ाई में बाधा पहुंच रही थी। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई की।
निष्कासित छात्र -
विक्रांत सिंह- बीए अंतिम वर्ष का छात्र और छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष। एबीवीपी के बैनर तले चुनाव जीते थे। श्रवण जायसवाल- बीए अंतिम वर्ष का छात्र। एबीवीपी के बैनर से संयुक्त सचिव चुने गए।
आनंद कुमार सिंह निक्कू - एलएलबी के छात्र। सत्र 2014-15 में छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के बागी उम्मीदवार के रूप में दावेदारी की थी।
सूर्य कुमार मिश्रा- एलएलबी छात्र है और चुनाव लड़ चुका है।
निलंबित छात्र- जितेंद्र शुक्ला- बीए अंतिम वर्ष के छात्र। एबीवीपी के बैनर से सांस्कृतिक संचिव निर्वाचित हुए थे।
अनुभव उपाध्याय- विधि छात्र। एबीवीपी के बैनर से चुनाव लड़ने की तैयारी।
नलिनी मिश्रा- ग्लोबलाइजेशन द्वितीय वर्ष की छात्रा। विद्यार्थियों के मुद्दे पर आंदोलनों में सक्रिय।
हिमांशु पांडेय- बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र। छात्र राजनीति में सक्रिय।
कारण बताओ नोटिस - सौरभ तिवारी- एमए अंतिम वर्ष का छात्र। छात्र राजनीति में सक्रिय।
- परिसर में तालाबंदी के मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिस तरह से त्वरित और सख्त कार्रवाई की है उससे निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन और ऋचा के बीच लंबे से समय से अदावत चल रही है। ऐसे में छात्रसंघ के अन्य पदाधिकारियों तथा दूसरे छात्रनेताओं के निष्कासन और निलंबन को ऋचा के खिलाफ कार्रवाई से पहले की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। ताकि, सियासी विवाद से बचा जा सके।