कोरोना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षण संस्थानों को दो अप्रैल तक बंद किए जाने के बीच प्रदेश में यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन जारी है। कॉपियों का मूल्यांकन रोके जाने की शिक्षक संघों की मांग को दर किनार करते लगातार दूसरे दिन कॉपी जांची जाती रही। जनपद में पहले दिन जहां मात्र 32427 कॉपी जांची गई थी तो दूसरे दिन जिले में 108748 कॉपी जांची गई। इस प्रकार अब तक मिलाकर कुल 141175 कॉपी जांची जा चुकी हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार अब 1055942 कॉपियों का मूल्यांकन होना बाकी है।
कॉपियों के मूल्यांकन के दूसरे दिन सबसे अधिक 21497 कॉपी डॉ. केएन काटजू इंटर कॉलेज, 19099 कॉपी राजकीय इंटर कॉलेज, 13199 कॉपी केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज, 12853 कॉपी जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज में जांची गई। सबसे कम 4914 कॉपी केपी इंटर कॉलेज में जांची गई। जिले में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए कुल 10 केंद्र बनाए गए हैं।
मंगलवार को भी शिक्षक नेताओं ने मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण कर कोरोना से बचाव के उपायों को देखा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि जो शिक्षक मूल्यांकन नहीं कर रहे हैं, उनका वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जाएगी।वित्तविहीन शिक्षकों को आगूामी परीक्षा, मूल्यांकन कार्य से वंचित कर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की ओर से परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई करने और कोरोना से बचने के लिए सेनेटाइज करने की व्यवस्था करने की मांग को लेकर यूपी बोर्ड की सचिव को ज्ञापन दिए जाने के बाद कुछ मूल्यांकन केंद्रों पर व्यवस्था में सुधार आया। व्यवस्था में सुधार के बाद भी शिक्षकों में इस बात को लेकर डर बना है कि कहीं कॉपी जांचने में बीमारी लेकर घर न पहुंचें। शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर सेट्रलाइज्ड सेनेटाइज की व्यवस्था करने की मांग की है। इस व्यवस्था को लागू करने के बाद पूरे मूल्यांकन केंद्र को कोरोना मुक्त किया जा सकेगा। शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कॉपियों का मूल्यांकन तत्काल रोके जाने की मांग की है।