सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में नए सत्र में ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश के लिए कॉमर्स एवं मानविकी के विषयों में रुझान बढ़ा है। 2016 के रिजल्ट में इन विषयों में अच्छे अंक मिलने के बाद अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के लिए स्कूलों के प्रधानाचार्यों से इन विषयों में प्रवेश की मांग की है। मानविकी के अधिकांश विषयों में प्रैक्टिकल होने के कारण छात्रों ने अच्छे नंबर हासिल किए। कॉमर्स के साथ फाइनेंसियल मार्केट मैनेजमेंट के बाद में जानकारी हासिल करने छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं।
सीबीएसई की ओर से लगातार दूसरे वर्ष कॉमर्स एवं मानविकी के बच्चों ने बारहवीं के रिजल्ट में टॉप रैंकिंग में जगह बनाकर दूसरे छात्रों को विज्ञान की ओर भागने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने का काम किया है। इलाहाबाद रीजन की टॉपर मानविकी से होने के कारण अभिभावकों ने बच्चों को अब केवल साइंस पढ़ाने के पैटर्न से बाहर निकलने की चाहत दिखाई है। कॉमर्स में छात्रों के पास कई नए विकल्प सामने आने और बीटेक करने के बाद बेरोजगारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अभिभावक अब मन बदल रहे हैं।
सीबीएसई स्कूलों में इन दिनों दसवीं परीक्षा पास करने के बाद ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए बच्चे अभिभावकों के साथ पहुंच रहे हैं। सीबीएसई की ओर से मूल्यांकन प्रक्रिया में अपनाए गए लचीले रुख के कारण 2016 की परीक्षा में बारहवीं में बड़ी संख्या में कॉमर्स एवं मानविकी के छात्रों को अच्छे अंक मिले और देश भर में टॉप लिस्ट में इनको जगह मिली। शहर के एमपीवीएम गंगागुरुकुलम स्कूल की प्रधानाचार्या अल्पना डे ने बताया कि इस बार बारहवीं के रिजल्ट को देखकर अभिभावकों एवं छात्रों ने विज्ञान से इतर विषयों में प्रवेश के विकल्प मांगे हैं।