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High Court : ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी में पूजा मामले में वाराणसी जिला जज ने हाईकोर्ट को भेजा रिकॉर्ड

Fri, 21 Oct 2022 08:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले में हिंदू महिलाओं द्वारा दाखिल सिविल वाद की ग्राह्यता पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति निरस्त करने के जिला जज के आदेश को चुनौती दी गई है। अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी की याचिका पर जिला जज ने रिकॉर्ड प्रस्तुत किया था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी परिसर ए वाराणसी स्थित श्रृंगार गौरी में नियमित पूजा के अधिकार को लेकर वाराणसी की जिला अदालत के फैसले की चुनौती याचिका पर  सुनवाई जारी है। अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी। कोर्ट के आदेश पर अधीनस्थ अदालत की पत्रावली की छाया प्रति दाखिल की गई। याची की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने बहस की। उन्होंने जिला जज के फैसले को पढ़कर सुनाया। याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति जे जे मुनीर कर रहे हैं।

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मामले में हिंदू महिलाओं द्वारा दाखिल सिविल वाद की ग्राह्यता पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति निरस्त करने के जिला जज के आदेश को चुनौती दी गई है। अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी की याचिका पर जिला जज ने रिकॉर्ड प्रस्तुत किया था। प्रस्तुत रिकॉर्ड पूर्ण नहीं था। इस कारण कोर्ट ने पूरा रिकॉर्ड सत्यापित प्रति के साथ जिला जज वाराणसी को 21 अक्तूबर को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को रिकॉर्ड की छाया प्रति पेश किया गया।

वाराणसी के जिला जज ने 12 सितंबर के आदेश से हिंदू पक्ष की महिलाओं द्वारा श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा अर्चना की मांग में दाखिल वाद के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की आपत्ति खारिज कर दी थी। आपत्ति खारिज कर मुकद्दमे की सुनवाई करने का आदेश दिया है। जिसे  चुनौती दी गई है।


मालूम हो कि दिल्ली की राखी सिंह व कई अन्य महिलाओं ने जिला जज वाराणसी की कोर्ट में वाद दायर कर ज्ञानवापी परिसर के बाहरी हिस्से में स्थित श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा अर्चना किए जाने की मांग की है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से ज्ञानवापी मस्जिद की अंजुमन ए इंतजामियां कमेटी ने हिंदू महिलाओं के बाद पर आपत्ति दर्ज की तथा कहा था कि यह वाद सिविल प्रक्त्रिस्या संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत सुनवाई लायक नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। जिला जज ने मुस्लिम पक्ष की तरफ से उठाई गई आपत्ति की अर्जी खारिज खारिज कर दी थी।
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दिल्ली की राखी सिंह समेत 5 महिलाओं ने वाराणसी की जिला अदालत में पिछले साल वाद दाखिल कर श्रृंगार गौरी की पूजा अर्चना किए जाने की मांग की थी।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सुनवाई वाराणसी के जिला जज की कोर्ट में चल रही है। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर महीनों चली सुनवाई के बाद जिला जज की कोर्ट ने अगस्त महीने में अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था। जिला जज एके विश्वेश की कोर्ट ने 12 सितंबर को अपना फैसला सुनाया था। जिला जज ने मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए राखी सिंह केस को चलते रहने की इजाजत दी थी।


हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुस्लिम ने एक बार फिर दोहराया गया है के 1991 के प्लेसेज आफ वर्शिप एक्ट के तहत इस मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती है। अर्जी में हाईकोर्ट का फैसला आने तक वाराणसी की अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाए जाने की भी मांग की गई है। ज्ञानवापी विवाद से जुड़े पांच मामले पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग है। हालांकि राखी सिंह का केस पहली बार हाईकोर्ट आया है।
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