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बैंकों में कैश खत्म, हालात खराब

Thu, 17 Nov 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पांच सौ एवं हजार के नोट बंद हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है पर लोगों की परेशानी है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। और तो और बैंकों ने बुधवार को नोट बदलने से ही मना कर दिया। सप्ताह भर बीतने के बाद अब बैंकों से 100 रुपये की नोट गायब होने लगी है। बैंकों में 100 की नोट खत्म होना, 2000 की नोट लेने में लोगों की हिचक बड़ी परेशानी के रूप में सामने आ रही है। साथ ही 500 रुपये केनए नोट नहीं पहुंचने से बुधवार को बैंकों में स्थिति एक बार फिर से बेकाबू हो गई। लोगों को पैसा जमा करने, नोट बदलने एवं भुगतान के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। एसबीआई कर्नलगंज शाखा में पैसा खत्म हो जाने के कारण चार बजे से पहले ही बैंक बंद करने पर बड़ी संख्या में कतार में खड़ी छात्राएं हंगामा करने लगीं। लोगों को बिना पैसे के एक शाखा से दूसरी में भटकना पड़ा। पैसा नहीं मिलने से परेशान लोगों ने बैंक परिसर में हंगामा भी किया।
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बैंकों की शाखाओं में नई करेंसी नहीं पहुंचने के कारण दोपहर बाद ही कैश खत्म हो गया। पैसा खत्म होने के बाद अधिकांश बैंक शाखाओं में हंगामा हुआ। इलाहाबाद बैंक सिविल लाइंस शाखा में कैश कम होने के कारण महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को ही भुगतान किया गया। बैंक में भुगतान नहीं जमा करने पर जोर रहा। पंजाब नेशनल बैंक की महिला शाखा में दो बजे से पहले ही पैसा खत्म हो गया। शहर के अधिकांश बैंकों की शाखाओं में चार बजते-बजते ताला बंद हो गया।

शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, केनरा बैंक, विजया बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य बैंकों की शाखाओं में लोग भुगतान में देरी पर हंगामा करते रहे। पीएनबी कीडगंज, बैंक ऑफ बड़ौदा कीडगंज में लोगों ने हो हल्ला किया। पैसा खत्म हो जाने पर बैंक ऑफ इंडिया की जीरो रोड शाखा में लोगों ने हंगामा किया। बैंक में लाइन में लगे प्रतियोगी छात्र रिंकू सिंह का कहना था कि अब तो अपने पास साग-सब्जी के लिए भी घर में पैसे नहीं हैं। ऐसे में वह छोटे नोट कहां से लाएं। पंजाब नेशनल बैंक अधिकारी एसोसिएशन केअध्यक्ष अश्विनी तिवारी ने कहा कि यह सही है कि लोगों के पास घरेलू खर्च के लिए पैसे नहीं हैं परंतु बैंक वालों की भी सीमा है। करेंसी नहीं आने के कारण अब भुगतान करना बैंकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। उन्होंने एक्सचेंज को ग्राहक के खाते से लिंक करने की मांग की। इससे नोट बदलने के काम में गिरावट आएगी।
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एसबीआई त्रिवेणी शाखा के सहायक महाप्रबंधक अरविंद कुमार गुप्ता का कहना है कि बैंक के कर्मचारी-अधिकारी सुबह 10 बजे से रात के आठ बजे तक बैंक में लगातार लोगों के काम में लगे हैं। उन्होंने बताया कि आरबीआई से 100 रुपये के नोट नहीं आने से अब परेशानी हो रही है। एसबीआई त्रिवेणी शाखा के दो एटीएम काम करने लगे हैं, एटीएम से दो हजार की नोट मिलने से दबाव कम हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका एक एटीएम खराब था, उसे भी ठीक करवा दिया गया है। उन्होंने लोगों से खाते से भुगतान लेने की अपील की है, इससे बैंक की परेशानी कम होगी। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक मित्र को मिलने वाली 10 हजार की धनराशि को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है।

अल्लापुर बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनाइटेड बैंक, कार्पोरेशन बैंक, एसबीआई में पैसा दोपहर बाद ही खत्म हो गया। लोग इस शाखा से उस शाखा तक भटकते रहे, उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यूनाइटेड बैंक में पैसा बदलने पहुंचे अमित तिवारी, प्रतिमा, रामजी, मुन्ना मिश्रा, पंकज मिश्रा सहित दर्जनों लोगों का कहना था कि सुबह आठ बजे ही बैंक पहुंच गए थे, लाइन में लगे होने के बाद भी उन्हें दो बजे तक पैसा नहीं मिला।  कीडगंज पंजाब नेशनल बैंक में पैसे के लिए पहुंचे सुकांत मलिक ने बताया कि वह दो दिन से लगातार आ रहे हैं, पैसा एक्सचेंज नहीं हो रहा है।

बडे़ नोट की बंदी के सप्ताह भर बाद भी शहर में एटीएम सेवा में सुधार नहीं हुआ। लोग रात-रात भर शहर में घूमकर पैसा देने वाला एटीएम खोजते रहे। नोट बंदी के बाद सबसे अधिक दबाव एटीएम से पैसे को भुगतान को लेकर है। बैंकों पर लगातार दबाव के बाद भी आधे से भी कम एटीएम से भुगतान शुरू हो पाया है। यूनिवर्सिटी के आसपास, अल्लापुर, गोविंदपुर, एलनगंज, सलोरी, कीडगंज सहित शहर के कई मोहल्लों में रहने वाले छात्र तो पूरी रात जागकर एक एटीएम से दूसरे का चक्कर लगा रहे हैं। एसबीआई की कुछ शाखाओं में स्थित एटीएम, एचडीएफसी के कई एटीएम से कुछ अंतराल के बाद पैसा निकलता रहा। शहर में एक्सिस बैंक के कई एटीएम से दिन भर पैसा निकलता रहा। कुछ निजी बैंकों के एटीएम से पैसा निकलने से कुछ लोगों को राहत मिली वहीं बड़ी संख्या में लोग पैसे के लिए परेशान रहे।
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