फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेंशन में अब नहीं फंसेगा पेच

Sun, 11 Oct 2015 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। केंद्रीय कर्मियों के लिए राहत वाली खबर है। अब सेवानिवृत्ति के वक्त पेंशन या अन्य लाभों के भुगतान में कोई पेच नहीं फंसेगा। पूरे सेवाकाल के दौरान दो बार कर्मचारियों की क्वालिफाइंग सर्विस का परीक्षण होगा और इस बाबत कर्मचारियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे ताकि रिटायरमेंट के वक्त किसी तरह की आपत्ति के कारण पेंशन या अन्य लाभों के भुगतान में कोई पेच फंसता है तो प्रमाणपत्र से यह साबित हो सकेगा कि आपत्ति गलत है। इस बाबत केेंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन


अब तक पूरे सेवाकाल में एक बार ही क्वालिफाइंग सर्विस का परीक्षण होता था। वह भी सेवाकाल के 25 साल पूरे होने पर। अक्सर ऐसे मामले सामने आ जाते थे, जब पूर्व के सेवाकाल के दौरान हुई किसी कार्रवाई के नाम पर आपत्ति लगा दी जाती थी और उसी आधार पर पेंशन या उससे संबंधित अन्य भुगतान प्रभावित होते थे। कर्मचारियों के पास भी ऐसा कोई प्रमाण नहीं होता था, जिससे वह साबित कर सकें कि आपत्ति गलत है।  केंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने अब इन समस्याओं का निराकरण कर दिया है।

व्यवस्था में संशोधन कर दिया गया है। अब पूरे सेवाकाल के दौरान दो बार क्वालिफाइंग सर्विस का परीक्षण होगा। पहला परीक्षण सेवाकाल के 18 वर्ष पूरे होने पर और दूसरा परीक्षण रिटायरमेंट से पांच साल पहले होगा। इस बाबत कर्मचारियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को अगर एक बार प्रमाणपत्र दे दिया गया और उसमें सबकुछ ठीक है तो उसके बाद किसी तरह की आपत्ति नहीं लगाई जाएगी। सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर तिवारी ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रमाणपत्र मिलने से कर्मचारियों का शोषण नहीं होगा और रिटायरमेंट के दौरान पेंशन या अन्य लाभों के भुगतान में कोई पेच भी नहीं फंसेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें