शनिवार की देर रात अवैध खनन की सूचना पर यमुना नदी के कंजासा घाट पर पहुंची घूरपुर पुलिस टीम पर खनन माफिया हमलावर हो गए। भीड़ ने ईंट पत्थर चलाकर पुलिस का सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश देखकर पुलिस वाले वहां से भाग खड़े हुए। इस भागादौड़ी में भी कई सिपाही चोटहिल हो गए। रविवार को 25 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घूरपुर पुलिस को शनिवार की रात सूचना मिली कि क्षेत्र के कंजासा गांव के यमुना घाट पर खनन माफिया अवैध खनन कर बालू डंप कर रहे हैं । सूचना को सही मान कर घूरपुर पुलिस टीम भारी संख्या में रात में ही कंजासा गांव के यमुना घाट पर दबिश देने पहुंच गई। आधी रात पुलिस को देख घाट पर हड़कंप मच गया। पहले तो घाट पर मौजूद लोग भागने का जुगाड़ खोज रहे थे लेकिन पुलिस वालों की संख्या ज्यादा दिखी तो बालू खनन करने और कराने वाले लामबंद होने लगे। पुलिस वालों ने इस बीच घाट के किनारे खड़ी नाव को खोलने का प्रयास किया । इतने में घाट पर एकत्र बालू कार्य से जुड़े माफिया व मजदूरों ने पुलिस टीम पर ईंट पत्थर चलाना शुरू कर दिया।
भारी संख्या में लोगों की भीड़ देख पुलिस टीम में खलबली मच गई। सभी पुलिस वाले अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भगाने लगे। इस बीच पथराव में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई तो आधा दर्जन पुलिस वाले चुटहिल हो गए। मामला गरमाता देख पुलिस वालों ने वहां से निकल जाना ही मुनासिब समझा। पुलिस टीम पर हमला कर रहे लोग लगातार आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच पुलिस वाले अपनी सरकारी गाड़ी में बैठे और वहां से भाग निकले। तब जाकर उनकी जान बची। रविवार को सुबह घूरपुर थाने में पुलिस की तरफ से कंजासा गांव के 25 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस टीम पर जान लेवा हमला , सरकारी कार्य में बाधा समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि रविवार को कंजासा गांव में सन्नाटा छाया रहा है। सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज हो गया। हमलावरों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।