सरायइनायत इलाके के ककरा दुबावल गांव मंगलवार को फिर गोलियों से दहल गया। प्रधान सोनी मिश्रा के पति अमरेंद्र मिश्र को सरकारी गनर के सामने गोली मार दी गई। वह घर से निकलकर इनोवा में बैठ रहा था तभी दुश्मनों के मकान की तरफ से गोलियां चलीं। उसने भी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायर किए मगर एक गोली कमर में धंसने पर घायल होकर गिर गया। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराकर पुलिस फोर्स ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की।
ककरा दुबावल गांव की प्रधान अमरेंद्र मिश्रा उर्फ पप्पू (38) पड़ोसी पूर्व प्रधान आनंद मिश्रा से दुश्मनी के चलते वह हनुमानगंज के निकट जैतपुर में परिवार सहित रहता है। इन दो परिवार की दुश्मनी में कई बार खून-खराबा हो चुका है। साल भर पहले अमरेंद्र के चचेरे भाई राकेश मिश्रा का कत्ल हो गया था। कुछ ही समय पहले चाचा अनिल मिश्र की हत्या के बाद लाश तालाब में डाल दी गई थी। इन दोनों घटनाओं में पूर्व प्रधान आनंद मिश्र को नामजद किया गया था। वह फरार चल रहा है।
दुश्मनी के चलते जान पर खतरे के मद्देनजर पुलिस विभाग से अमरेंद्र की सुरक्षा के लिए बतौर गनर एक सिपाही की तैनाती की गई है। सोमवार शाम करीब पांच बजे अमरेंद्र जैतपुर से ककरा दुबावल में अपने पैतृक निवास आया। देर शाम वह जैतपुर लौटने के लिए घर से निकला तो सिपाही हिमांशु शर्मा ने इनोवा का गेट खोला। अमरेंद्र गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठने जा रहा था तभी उस पर फायरिंग की गई। अमरेंद्र ने भी लाइसेंसी रिवॉल्वर से दो-तीन फायर किए। तभी एक गोली उसके कमर के पीछे लगी और वह घायल होकर गिर गया। गांववाले जुटे तो फायरिंग बंद हो गई।
चाचा विनय मिश्रा ने 100 नंबर पर सूचना दी तो एसपी गंगापार सुनील सिंह सीओ फूलपुर तथा कई थानों की पुलिस के साथ आ गए। घायल अमरेंद्र को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। अमरेंद्र के चाचा विनय ने पुलिस अफसरों से कहा कि हमले में आनंद मिश्रा, उसका भाई कौशलेश और भतीजे सोनू समेत चार अन्य अज्ञात लोग शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गनर हिमांशु ने अफसरों को बताया कि वह इनोवा का गेट खोल रहा था तभी गोलियां चलीं। वह किसी को देख नहीं सका। पुलिस को मौके पर कई खोखे मिले हैं।