झूंसी (ब्यूरो)। भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में हमारा हिन्दी साहित्य विभिन्न खेमों में बंटता जा रहा है। साहित्य का विभाजन होने पर विभिन्न विचारों का उदय होगा। सभी अपनी लेखनी और अपने को श्रेष्ठ बताएंगे।
कहा कि यह हिन्दी साहित्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठीक नहीं है। राज्यपाल श्री त्रिपाठी ने यह बातें बृहस्पतिवार को झूंसी के आवास विकास कालोनी योजना तीन स्थित गेस्ट हाउस में भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान की ओर से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर त्रैमासिक पत्रिका तथा पुस्तक के विमोचन के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि कही। इस मौके पर साहित्यकार और शिक्षक को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
इसके पहले राज्यपाल श्री त्रिपाठी ने संस्था की ओर से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका वैश्विक साहित्य तथा गंगा प्रसाद त्रिपाठी मासूम के कहानी संग्रह ठंडा होता शहर का विमोचन किया। कार्यक्रम में साहित्य में विशेष योगदान को डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल को आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी शिखर सम्मान तथा शिक्षक त्रिवेणीलाल श्रीवास्तव को मुंशी प्रेमचंद्र शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरिजा शंकर मिश्र तथा आभार संस्था के अध्यक्ष डॉ. विजयानंद ने किया। संचालन अतुल मिश्र ने किया। दूसरे सत्र में कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके अध्यक्ष रामलखन शुक्ल तथा मुख्य अतिथि डॉ. रामजी मिश्र रहे।