सेमेस्टर परीक्षाएं पूर्व की भांति एक ही शिफ्ट में होंगी। स्नातक की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद अगर किसी विभागों को जरूरत महसूस होती है तो सेमेस्टर परीक्षाएं दो शिफ्ट में कराई जा सकती हैं।
यूजीसी कमेटी का सुझाव है कि अगर कोई छात्र सेमेस्टर परीक्षा में एक या दो विषय में फेल हो जाता है तो उसे पास कर दिया जाए। इस पर चर्चा हुई कि इविवि में सीबीसीएस लागू है और उसमें यह प्रावधान पहले से ही है। ऐसे में अलग से कोई व्यवस्था लागू करने की जरूरत नहीं है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम एक माह का समय मिल सके, इसके लिए मई के अंत में परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।