आतंकी कनेक्शन की आशंका में महेशगंज थाना क्षेत्र के डिहवा जलालपुर से उठाए गए इम्तियाज अहमद को लंबी पूछताछ के बाद क्लीनचिट मिल गई। बुधवार की देर रात दिल्ली पुलिस से बुलावा आते ही परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। गांव के लोग भी परिवार के साथ खड़े नजर आए। उसे लेने के लिए परिजन बृहस्पतिवार को दिल्ली रवाना हुए।
डिहवा जलालपुर निवासी इम्तियाज मुंबई में सिलाई का काम करता था। करीब डेढ़ साल पहले कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में वह गांव आ गया। यहां वह बकरी, मुर्गी व मछली पालन का कारोबार करने लगा। मंगलवार की सुबह यूपी एटीएस उसके घर पहुंची और पूछताछ के बाद उसे उठा ले गई। बाद में उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया। अचानक हुई कार्रवाई से जनपद में हड़कंप मचा रहा। परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल रहा। बुधवार की रात दिल्ली पुलिस ने इम्तियाज के पड़ोसी को फोन पर सूचना दी परिवार के लोगों को लोदी कालोनी दिल्ली एटीएस कार्यालय भेज दो।
पूछताछ में उसका कोई भी आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है। परिवार के लोग उसे अपने साथ ले जाएं। यह खबर मिलते ही पत्नी मदीना, पिता मुमताज व तीनों बेटियों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इस बात की जानकारी मिलते ही बरसात के बावजूद ग्रामीण उसके घर पहुंच गए। बृहस्पतिवार की सुबह मदीना अपने ससुर मुमताज व एक रिश्तेदार के साथ दिल्ली रवाना हो गई। उसके शुक्रवार तक घर आने की संभावना जताई जा रही है।