चायल विधायक संजय गुप्ता द्वारा बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को धमकाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में अभियंता ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। उन्हाेंने विधायक के खिलाफ लिखित शिकायत भी की है। अधिशासी अभियंता के समर्थन में राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ भी लामबंद हो गया है। संघ की ओर से विभाग के एमडी तथा महासचिव को रिपोर्ट भेज दी गई है। संघ ने विधायक के दबाव में अधिशासी अभियंता के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की भी तैयारी कर ली है।
बिजली चोरी के आरोप में समर्थक के खिलाफ एफआईआर लिखाए जाने को लेकर विधायक संजय गुप्ता ने अधिशासी अभियंता को फोन पर हड़काया था। विधायक ने थाने पर धरना देकर उल्टे अधिशासी अभियंता के खिलाफ एफआईआर लिखाने का दबाव भी बनाया। विधायक की धमकी वाला ऑडियो वायरल होने के बाद जब मामला तूल पकड़ा तो कौशाम्बी डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच बैठा दी। वहीं अधिशासी अभियंता ने भी डीएम से विधायक के खिलाफ शिकायत की है। अभियंता ने लिखा है कि बिजली चोरी पकड़े जाने पर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है, जिस पर विधायक ने फोन पर अपशब्द कहे और धमकी दी। विधायक की धमकी को लेकर विभाग के अभियंताओं में भी रोष है। अभियंता संघ के उपाध्यक्ष जयशंकर राय का कहना है कि जिला प्रशासन के अलावा एमडी तथी चीफ इंजीनियर को घटना से अवगत करा दिया गया है।
विधायक के दबाव पर अधिशासी अभियंता के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई हुई तो संघ चुप नहीं बैठेगा और बड़ा आंदोलन होगा। संघ के जोनल सेक्रेटरी विजय तिवारी का कहना है कि विधायक ने डॉक्टर के खिलाफ फर्जी एफआईआर की शिकायत की थी। इस पर डीएम के निर्देश पर एसडीएम की अध्यक्षता में डॉक्टर के घर की जांच कराई गई। वहां बिजली चोरी का मामला सही पाया गया। कौशाम्बी डीएम ने आश्वासन दिया है कि डॉक्टर के खिलाफ विभाग की ओर से कराई गई एफआईआर वापस नहीं ली जाएगी। विजय तिवारी का कहना है कि कौशाम्बी प्रशासन की कार्रवाई से अभियंता संतुष्ट हैं, लेकिन विधायक के दबाव पर अधिशासी अभियंता या अन्य किसी अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो हड़ताल होगी।
कौशाम्बी जिला प्रशासन पूरे प्रकरण को जांच के स्तर पर ही रफा-दफा करने में जुट गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि वायरल हुई ऑडियो उन्होंने सुनी है। उसकी जांच कराई जा रही है। एडीएम की रिपोर्ट में जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जांच प्रभारी एडीएम राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि अधिशासी अभियंता का प्रार्थना पत्र मिला है। ऑडियो की सीडी भी मिली है, लेकिन अभी उसे सुना नहीं है। जांच के दौरान विधायक, अधिशासी अभियंता तथा अन्य संबंधित पक्षों का बयान लेना होगा। ऐसे में जांच में अभी समय लगेगा। उसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।