विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने दुराचार और मारपीट के मामले में केस दर्ज करने में घोर लापरवाही उजागर होने पर फतेहपुर जनपद के रिट सेल प्रभारी (तत्कालीन जिले के बाघराय थाना प्रभारी) राजकिशोर को आत्मसमर्पण करने पर जेल भेज दिया।
बाघराय इलाके की एक महिला के अनुसार, 28 दिसंबर 2016 को उसकी बेटी के साथ पड़ोसी ने दुराचार किया था। उलाहना देने पर आरोपी के पक्ष के लोगों ने मारपीट की थी। घटना के दूसरे दिन मामले की शिकायत एएसपी से की गई थी। उनके आदेश के बाद भी तत्कालीन बाघराय थाना प्रभारी राजकिशोर ने चुनाव में व्यस्त होने का हवाला देकर केस नहीं दर्ज किया।
इस पर उसने फिर तत्कालीन एएसपी से मिलकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद थाना प्रभारी ने उसे थाने बुलाया और 8 जनवरी 2017 को एक सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। अगले दिन आकर एफआईआर की कॉपी ले जाने के लिए कहा।
बाद में इस मामले में एनसीआर दर्ज कर उसके परिजनों को कॉपी उपलब्ध करा दी गई। इस मामले में एसपी से गुहार लगाने पर पीड़िता के परिजनों को कोई राहत नहीं मिली थी। बाद में कोर्ट में गुहार लगाने पर 5 अगस्त 2017 को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।