इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेेंट प्रोफेसर भर्ती के आवेदकों को स्क्रीनिंग टेस्ट देना होगा। परीक्षा ऑनलाइन होगी। आवेदकों की अधिक संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एकेडमिक काउंसिल में हुए इस निर्णय पर कार्यपरिषद ने भी मुहर लगा दी है। हालांकि साक्षात्कार में लिखित परीक्षा के अंक नहीं जोड़े जाएंगे। एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्ती एकेडमिक इंडेक्स के आधार पर ही होगी।
विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के तकरीबन साढ़े पांच सौ पद खाली है। इनमें से 290 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू है। इनके लिए आवेदन लिए जा चुके हैं लेकिन रोस्टर में गड़बड़ी की शिकायतों तथा अन्य कारणों से कुछ संशोधन के बाद दोबारा नोटिफिकेशन होना है। नए नोटिफिकेशन में यूजीसी की 11 जुलाई 2016 की नियमावली के अंतर्गत पीएचडी करने अभ्यर्थियों को भी आवेदन का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पद के सापेक्ष 10 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाने का निर्णय लिया है। पूर्व में एकेडमिक परफार्मेंस (एपीआई स्कोर) के आधार पर स्क्रीनिंग का निर्णय लिया गया था लेकिन आवेदकों की संख्या बहुत अधिक है।
हिन्दी, शिक्षाशास्त्र, इतिहास जैसे विषयों में तो एक हजार से भी अधिक आवेदन पहुंचे हैं। ऐसे में एकेडमिक आधार पर इनकी स्क्रीनिंग में काफी समय लगने की बात कही जा रही है। इसके अलावा स्क्रीनिंग के मानक को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में स्क्रीनिंग टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया, जिसे पहले एकेडमिक काउंसिल में रखा गया। वहां से मंजूरी के बाद कार्यपरिषद की स्वीकृति भी ले ली गई। पेपर वस्तुनिष्ठ आधारित होगा। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि परीक्षा की नियमावली, प्रारूप, सिलबेस आदि तैयार किए जा रहे हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 290 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू है। इनमें से 157 पद असिस्टेंट प्रोफेसर के हैं। इन्हीं के लिए लिखित परीक्षा होगी।
विश्वविद्यालय में अध्यापकों के 290 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू है लेकिन हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायतों के मद्देनजर रोस्टर तथा अन्य संशोधन के बाद पुराने विज्ञापन के ही क्रम में नया नोटिफिकेशन जारी करने का निर्णय लिया है। वहीं अब विश्वविद्यालय दो जनवरी को खुलेगा। इसके विपरीत इस बीच चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद नोटिफिकेशन जारी करने का निर्णय लिया है। इसके विपरीत यूइंग क्रिश्चियन कालेज, ईश्वर शरण डिग्री कालेज और श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय को छोड़कर अन्य संघटक कालेजों में अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में इन तीन को छोड़कर अन्य कालेजों में विधानसभा चुनाव बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय के संघटक कालेजों में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होनी है। तीन कालेजों में शुरू भी है। कालेजों में आवेदकों की एकेडमिक या परीक्षा के आधार पर छटनी का विकल्प खुला रहेगा। यह आवेदकों की संख्या को देखते हुए कालेज तय करेंगे।