हंडिया इलाके के बजराडीह गांव में रेलवे ट्रैक पर मिले प्रेमी युगल के शवों का रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि रिपोर्ट से यह साफ नहीं हो सका कि यह खुदकुशी है या हत्या। चीरघर पर लड़के के परिजन तो मौजूद थे लेकिन लड़की के घरवाले नदारद रहे। बाद में पुलिस की सूचना पर लड़की के घरवाले भी उसका शव लेने के लिए आए। हंडिया पुलिस ने इसे आत्महत्या की ही घटना मान ली है। लड़की की मां से पूछताछ में भी पुलिस को पता चला है कि बुधवार रात उन दोनों को साथ देख लिया गया था। तभी वे दोनों गांव से भाग निकले थे।
बजराडीह गांव के पास रेलवे ट्रैक पर बृहस्पतिवार सुबह लड़के और लड़की के क्षतविक्षत शव मिले थे। शक जताया गया था कि उन दोनों को मारकर फेंक दिया गया था। तीन दिन तक शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहने के बाद शनिवार को उनकी शिनाख्त हो सकी। मृतकों में बाला गांव निवासी चौकीदार नंदू भारतीय का पुत्र राहुल (19) और पड़ोसी गुलाब भारतीय की पुत्री आरती (17) है। राहुल इंटर का छात्र था जबकि आरती कक्षा नौ में थी। वे दोनों बुधवार रात से लापता थे। आरती का पिता गुलाब सूरत में नौकरी करता है। शनिवार को राहुल के पिता नंदू ने शहर में पोस्टमार्टम हाउस जाकर अपने पुत्र के साथ ही आरती के भी शव की पहचान की। मगर आरती के परिवार से कोई भी नहीं आया। रविवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ जिससे यह साफ नहीं हुआ कि उनकी हत्या की गई या उन दोनों ने आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस जांच में यह साफ हो सकता है मगर पुलिस खुद इसे खुदकुशी मानकर चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद राहुल का शव उसके परिजन ले गए मगर आरती के परिवार के लोग नदारद रहे। बाद में पुलिस के बुलाने पर आरती की मां फोटो देवी अपने बेटे के साथ हंडिया थाने पहुंची। वहां से उन दोनों को शव लाने की खातिर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। आरती की मां ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात वह सोते वक्त अचानक बिस्तर से गायब हो गई। खोजबीन के लिए घर से निकली तो आरती को राहुल के साथ पास के मड़हे में देखा। हल्ला मचा तो राहुल के भी परिजन आ गए। डांट-फटकार शुरू होने पर वे दोनों मड़हा से निकलकर भाग गए थे। फिर वे रात भर नहीं लौटे। सुबह रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की खबर मिली मगर दोनों के घरवाले चुप्पी साधे रहे। आरती का पिता गुलाब तो सूरत में है। फोन पर खबर मिलने के बाद भी वह नहीं आया। मां का कहना है कि परिवार के लोग गुस्से में हैं।