मऊआइमा। थाना क्षेत्र के ग्राम दुबाही निवासनीय सबरून निशां पुत्री जलील उद्दीन की शादी 30 वर्ष पूर्व गांव के कयामत उद्दीन पुत्र सैज उद्दीन के साथ हुई थी। किन्हीं कारणों से कयामत उद्दीन ने सबरुन निशां को तलाक दे दिया। इसके बाद कयामत उद्दीन ने दूसरी शादी फाफामऊ में की। ऐसे में सबरून निशां ने फैमिली कोर्ट में गुजारा भत्ता का मुकदमा दायर कर दिया। जहां न्यायालय ने 2022 व 2023 में प्रति माह 11 हजार रुपये कयामत उद्दीन को तलाक शुदा पहली पत्नी सबरून निशां को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया।
सबरून निशां के अनुसार आज तक एक भी पैसा गुजारा भत्ता नहीं दिया गया। इसपर फैमिली कोर्ट ने एसडीएम सोरांव को आदेशित किया कि वह कयामत उद्दीन की जमीन नीलाम करके गुजारा भत्ता की पूरी राशि 21 लाख दिलवाएं।
बुधवार को तहसील अमीन जगन्नाथ शुक्ला दुबाही गांव में लाउडस्पीकर लेकर एलान किए कि कयामत उद्दीन की पौने दो बीघा जमीन 21 अप्रैल को तहसील सोरांव में नीलाम होगी। तहसील अमीन जगन्नाथ शुक्ला ने ग्राम प्रधान इम्तियाज समी को कयामत उद्दीन की संपत्ति नीलामी का नोटिस सौंपा। अमीन जगन्नाथ शुक्ला ने बताया कि 21 लाख देने के बाद भी हर माह 11 हजार रुपये सबरून निशां को कयाम उद्दीन को देना पड़ेगा।