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लोहिया ने कहा था : चट्टान तोड़ नहीं सकता, लेकिन दरार जरूर ला सकता हूं, 1962 में नेहरू को दी थी कड़ी टक्कर

Sat, 23 Mar 2024 05:59 AM IST
विनोद सिंह राहुल शर्मा, प्रयागराज

सार

समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया ने 1962 के चुनाव में फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को कड़ी टक्कर दी थी। नामांकन करने के बाद  नेहरू ने कहा था, अब जीत का प्रमाणपत्र लेने ही आएंगे, लेकिन लोहिया का चुनाव चढ़ता देखकर चिंतित इंदिरा ने नेहरू को संदेश भिजवाया था। संदेश के बाद नेहरू यहां आए ही नहीं, बल्कि तीन दिन लगातार सभाएं भी कीं। 

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लोहिया और जवाहर लाल नेहरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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1962 में लोकसभा के तीसरे चुनाव के दौरान सारे देश की निगाहें फूलपुर संसदीय सीट पर टिकी थीं। क्योंकि,यहां कांग्रेस के टिकट पर तत्कालीन पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू अपनी किस्मत आजमा रहे थे तो वहीं दूसरी ओर समाजवादी पुरोधा राम मनोहर लोहिया सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर खड़े थे। अपने पहले ही चुनाव में डॉ.लोहिया छा गए। उनका चुनाव चढ़ता देख इंदिरा गांधी ने नेहरू को प्रचार के लिए वापस बुला लिया।

1952 और 1957 में निर्वाचित होने के बाद पंडित नेहरू ने 1962 में भी फूलपुर सीट से अपना नामांकन किया। नामांकन करने के बाद उन्होंने करीबियों से कहा कि अब वह यहां जीत का प्रमाणपत्र लेने ही आएंगे। तब यह खबर समाचार पत्रों की सुर्खियां बन गई। पार्टी का स्टार प्रचारक होने से नेहरू देश के अन्य इलाकों में प्रचार को चले गए।

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इसी बीच सोशलिस्ट पार्टी ने समाजवादी राममनोहर लोहिया को फूलपुर से उतार दिया। नेहरू पीएम थे, इस वजह से प्रचार को लेकर उनके पास धन की कमी नहीं थी। वहीं, उनके मुकाबले लड़ रहे लोहिया अत्यंत वित्तीय संकटों से जूझ रहे थे। उनके नामांकन की राशि भी तब के कुछ समाजवादियों ने चंदा एकत्र कर दी थी।

लोहिया की सभाओं में जुटने लगी थी भीड़

सपा प्रदेश कार्यालय में निर्वाचन कार्य देख रहे केके श्रीवास्तव बताते हैं कि तब मंसूराबाद में एक सभा में लोहिया ने नेहरू को केंद्रित करते हुए कहा कि लोग कह रहे हैं कि मैं चट्टान से क्यों टकरा रहा हूं। मैं चट्टान को तोड़ तो नहीं सकता, लेकिन दरार जरूर डाला सकता हूं। मंसूराबाद के बाद आनापुर, लाल गोपालगंज समेत तमाम इलाकों में उन्होंने यह बात दोहराई। इस दौरान उनकी सभाओं में भीड़ जुटने लगी।

यह खबर इंदिरा गांधी को मिली तो वह चिंतित हो उठीं। उन्होंने नेहरू को संदेश भेजकर कहा, यहां आकर चुनाव प्रचार करें। इसके बाद नेहरू यहां आए ही नहीं, बल्कि तीन दिन लगातार चुनावी सभाएं भी कीं। चुनाव परिणाम आया तो डॉ.लोहिया भले ही नेहरू से हार गए हों, लेकिन उन्होंने 87 बूथों पर पंडित नेहरू को पराजित किया।

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लोकसभा चुनाव फूलपुर वर्ष 1962 का परिणाम

प्रत्याशी का नाम - पार्टी - मिले मत - मत प्रतिशत

जवाहर लाल नेहरू - कांग्रेस - 118931 - 61.62

डा. राम मनोहर लोहिया - सोशलिस्ट पार्टी - 54360 - 28.17

राम नारायण - आरआरपी - 9116 - 4.72

इंदू देव - निर्दलीय - 6693 - 3.47

हरिशंकर राय - निर्दलीय - 3854 - 2.02

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