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सिपाही भर्ती मास्टर माइंड : 14 महीने बाद भी नहीं लगाया गैंगस्टर, बेखौफ होकर परीक्षाओं में सेंधमारी करता रहा मा

Sun, 17 Mar 2024 04:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

टीईटी 2021 के पेपर लीक प्रकरण में चार्जशीट लगने के एक साल बाद भी उसके व उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर नहीं लगाया जा सका। नतीजा यह हुआ कि वह बेखौफ होकर भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी करता रहा।
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राजीव नयन मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिपाही भर्ती पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्र पर कार्रवाई को लेकर कौशाम्बी के कोखराज थाना पुलिस ने लापरवाही न बरती होती तो शायद वह इतनी बड़ी परीक्षा में सेंध न लगा पाता। टीईटी 2021 के पेपर लीक प्रकरण में चार्जशीट लगने के एक साल बाद भी उसके व उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर नहीं लगाया जा सका। नतीजा यह हुआ कि वह बेखौफ होकर भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी करता रहा। इस बार उस परीक्षा में सेंध लगाई, जो यूपी सरकार की बेहद महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा थी।

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टीईटी 2021 परीक्षा 28 नवंबर 2021 को थी। सुबह एसटीएफ लखनऊ की टीम ने कौशाम्बी में एक गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसने परीक्षा से पहले ही पेपर लीक करा दिया था। कोखराज में डिप्टी एसपी लाल प्रताप सिंह ने राेशन सिंह पटेल निवासी झलवा को गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से लीक कराए गए प्रश्नपत्र की उत्तरकुंजी प्राप्त हुई। मामले में उससे पूछताछ के बाद कुल तीन नामजद व अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कराया गया।

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रोशन व अन्य अभियुक्तों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि इसमें भी मुख्य भूमिका मेजा निवासी राजीव नयन मिश्र की थी। इस पर उसे आरोपी बनाकर वांछित किया गया और जुलाई 2022 में एसटीएफ ने ही उसे लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। फरवरी 2023 में इस मामले में राजीव नयन समेत सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई। तब से लेकर अब तक 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई नहीं की।

गैंगस्टर लगाया गया होता तो आरोपी सलाखों के पीछे हाेते और फिर शायद राजीव नयन सिपाही भर्ती का पेपर लीक कराने में कामयाब न हो पाता। इस बारे में सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गैंगचार्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द इसे अनुमति के डीएम के पास भेजा जाएगा।
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नामजद प्राइमरी शिक्षक को दी क्लीन चिट

कोखराज में लीक प्रश्नपत्र व उत्तरकुंजी बरामद करते हुए गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ में रोशन सिंह पटेल ने संतोष चौरसिया, गोरखपुर के प्राइमरी शिक्षक प्रभात सिंह का भी नाम लिया था। बताया था कि उसे भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मूलरूप से बलिया निवासी प्रभात भी उपलब्ध कराता है, जिसका तत्कालीन पता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक छात्रावास को बताया था। इसी आधार पर प्रभात सिंह पुत्र अज्ञात नामजद भी किया गया। बाद में विवेचना में राजीव नयन व पंडित जी का नाम प्रकाश में आया तो उन्हें भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया। हालांकि, चार्जशीट केवल चार आरोपियों रोशन, संतोष, राजीव नयन व पंडित जी के खिलाफ दाखिल हुई और प्रभात सिंह का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया।
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