पत्नी को जिंदा जलाकर मारने में पति को उम्रकैद
अदालत ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
कोखराज कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दहेज की खातिर पत्नी को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोपी पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ने दोषी करार दिया। कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। घटना कोखराज इलाके में वर्ष 2013 में हुई थी।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के रामापुर सुहेला निवासी गुदुन पासी ने बताया कि उसने अपनी बेटी रानी देवी का विवाह कशिया पश्चिम में विकास से किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर ससुराली विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। जानकारी होने पर रिश्तेदारों ने पंचायत की। सभी ने ससुराल वालों को समझाया, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। पांच फरवरी 2013 को ससुराली ने उसकी बेटी को जिंदा जलाकर मार डाला। मामले में आरोपी पति विकास व ससुर शिवमोहन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। केस की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। विवेचना के दौरान ही ससुर की मौत हो गई। शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज योगेश कुमार तृतीय ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।