इलाहाबाद। भारी बारिश के कारण मंगलवार को संगमनगरी की रफ्तार थम गई। शहर और गांव, हर तरफ जाम। यमुनापार में इलाहाबाद-रीवा राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण दिनभर ट्रैफिक ठप रहा। हजारों लोग भीषण जाम में फंसे रहे। कई गांव बाढ़ से अब भी घिरे हुए हैं। सैकड़ों मकान ढह गए हैं। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के लोहरा भरत नगर गांव में 60 साल की बुजुर्ग महिला इंद्रकली सैलाब में बह गई। मंगलवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर झाड़ियों में उसका शव मिला। वहीं, हंडिया थाना क्षेत्र के सराय पीठा गांव में मकान ढह जाने से मलबे में दबकर 35 वर्षीय राजकुमार बिंद ने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने दैवी आपदा के तहत मृतक महिला के परिवार को चार लाख रुपये और क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा देने की घोषणा की है।
इलाहाबाद-मिर्जापुर राजमार्ग पर टोंस पर बने कटका पुल में छेद हो गया है। पूरा ट्रैफिक सिरसा, पनासा की ओर डायवर्ट कर दिया गया था लेकिन दो दिन पहले पनासा में पुलिया टूट गई, जिसके बाद ट्रैफिक करछना से कोहड़ार घाट होते हुए पचदेवरा की ओर डायवर्ट कर दिया गया। करछना में मंदिर तिराहा के पास बनी पुलिया भी भारी वाहनों के दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। मंगलवार सुबह नौ बजे 12 चक्के वाला एक ट्रक पुलिया पर गड्ढे में धंस गया। दिनभर की मशक्कत के बाद रात आठ बजे ट्रक को हटाकर ट्रैफिक का संचालन शुरू किया गया। इस दौरान इलाहाबाद-मिर्जापुर के बीच हजारों लोग जाम से जूझते रहे। बारिश ने भी मुसीबत बढ़ा दी। इलाहाबाद-रीवा राजमार्ग पर बारा, मेजा और कोरांव में सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। सोमवार रात भर ट्रकों के चक्के थमे रहे। डीएम संजय कुमार के निर्देश पर नेशनल हाईवे के अभियंताओं ने राजमार्ग पर आवागमन बहाल कराया।
भारी बारिश ने तहसील कोरांव के ग्राम टौंगा, बहरैचा, खीरी, जोरवट, खपटिहा, कौंदी, कैथवल, छापर, लेड़ियारी, बेलहा एवं ढेरहन, तहसील मेजा के खूंटा, सींकी खुर्द, चांद खम्हरिया, महुली कला, इटवा कला, झड़ियही नई बस्ती, सुजनी समोधा, पिपरहटा और तहसील बारा के चौखटा, भारत नगर, मवैया कला, फूलतारा, बजड्डी गांव में बारिश के कारण आई बाढ़ से काफी तबाही हुई है। सैकड़ों मकान बाढ़ में बह गए या ध्वस्त हो गए। बड़ी संख्या में लोगों को नाव से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। एडीआरएफ की टीम को भी राहत कार्य में लगाया गया है। राहत पैकेट भी बांटे जा रहे हैं।
गंगा-यमुना ने भी पकड़ी रफ्तार
गंगा और यमुना का जलस्तर चार दिन बाद फिर बढ़ने लगा है। बाढ़ के पानी ने कछार में बने मकानों को फिर अपनी चपेट में ले लिया है। यहां से लोगों का पलायन शुरू हो गया है। मंगलवार को फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में 26 सेमी और छतनाग में 41 सेमी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, यमुना में 42 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
भीषण जाम से जूझता रहा शहर
0 बारिश के कारण शहर में भी हालात बदतर रहे। जगह-जगह सड़कें खोद दिए जाने और बारिश के कारण पूरा शहर मंगलवार को भीषण जाम की समस्या से जूझता रहा। सिविल लाइंस, पानी टंकी फ्लाईओवर, बालसन चौराहा, रामबाग, लीडर रोड, हिम्मतगंज, जॉनसेनगंज, अल्लापुर, सुलेमसराय समेत शहर के ज्यादातर इलाकों में सुबह 11 से शाम चार बजे तक जाम लगा रहा।