रेलवे पुलिस ने मानव तस्कर गैंग को बेनकाब करते हुए दो तस्करों को जंक्शन पर गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पांच नाबालिग लड़के मुक्त कराए गए। गरीब परिवार के इन बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश के तहत घर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
इंस्पेक्टर जीआरपी मनोज सिंह के मुताबिक, बुधवार रात प्लेटफार्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर लाइन शाह बाबा की मजार के पास चेकिंग के दौरान पांच लड़कों के साथ जा रहे दो लोगों को रोककर पूछताछ की गई तो वे घबरा गए। भागने की कोशिश करने पर उन्हें दबोच लिया गया। थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की गई। पकडे़ गए दोनों लोग मानव तस्कर गिरोह के सदस्य निकले। रामलाल गौर और करन सिंह दोनों सोनभद्र जनपद में थाना म्योर के सुपचुआ गांव के रहने वाले हैं। वे सोनभद्र के गरीब परिवार के लड़कों को मोट वेतन की नौकरी और साथ में कपड़ा-खाना का लालच देकर कानपुर, दिल्ली, गुड़गांव ले जाकर फैक्ट्रियों में बंधुआ मजदूर बना देते हैं। ऐसे दर्जनों लड़कों को वे बंधुआ मजदूरी में धकेल चुके हैं। बरामद लड़कों में नौ से 13 साल के राजेंद्र, दिलीप, सत्यनारायण, विश्वास और संजय सोनभद्र में दुद्धी इलाके के मनवसा गांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर बच्चों को चाइल्ड लाइन ले जाया गया।
बैरहना में 31 जुलाई की सुबह कार में स्कूल जा रहे वाइस प्रिंसिपल मेहरनोश फ्रेमजी को गोलियों से छलनी करने वाले शूटरों का पता लगाकर गिरफ्तारी करने पर आईपीएस विनीत जायसवाल ने एसपी सिटी टीम के ब्रजेंद्र राय को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया और अच्छे काम के लिए प्रोत्साहन दिया।