इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैंकों को सोने की फर्जी प्रमाणिकता देने वाले केमामले में जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले में जांच अधिकारी अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। अगर वह हलफनामा दाखिल नहीं करते हैं तो वह स्वयं उपस्थित हों। कोर्ट ने मामले की सुनवाई केलिए 16 मई की तिथि तय की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने हेमा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
मामला मथुरा का है। मुख्य आरोपी हेमेंद्र प्रकाश वर्मा/शर्मा पर आरोप है कि उसने सोने की प्रमाणिकता की रिपोर्ट बैंकों को गलत दी है। आरोपी ने जिस सोने को शुद्ध बताया वह जांच के बाद अशुद्ध निकला। जबकि आरोपी ने इसे शुद्ध बताया था। बैंकों ने उसी के आधार पर लोन भी आवंटित कर दिया। कोर्ट ने मामले में सरकारी अधिवक्ता मंजू ठाकुर से आरोपी के बारे में जानकारी मांगी लेकिन रिपोर्ट में उसके बारे में कोई जानकारी न दी गई थी। इस पर कोर्ट ने इस पर जांच अधिकारी को हलफनामा दाखिल करने को कहा है।