समन्वय समिति में कौन-कौन
गठित की जाने वाली समन्वय समिति में गृह सचिव, प्रमुख सचिव (परिवहन व आबकारी), डीजी अभियोजन, एडीजी (तकनीकी व अपराध) और अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये समिति संबंधित विभागों से सुझाव लेकर ठोस नीति बनाएगी।
अदालत के प्रमुख निर्देश
वेब पोर्टल बने: नीलामी की प्रक्रिया के लिए सिंगल-विंडो पोर्टल बने, जो सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) से जुड़ा हो।
केंद्रीयकृत वाहन यार्ड: केरल और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर प्रत्येक जिले में ऐसा यार्ड हो, जो क्यूआर कोड से ट्रैक हो और राज्य स्तरीय सूचना केंद्र से जुड़ा हो।
लावारिस वाहनों की नीलामी: छह महीने तक दावे न आने पर ऐसे वाहनों की नीलामी हो।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन: इन्हें प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए।
थानों की सफाई: पुलिस थानों में अब कोई वाहन सड़ता न मिले, डीजीपी को यह सुनिश्चित करना होगा।
विचाराधीन केस भी रुकावट नहीं: हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मुकदमा लंबित होना, किसी वाहन को अनिश्चितकाल तक रोके रखने का कारण नहीं हो सकता, जब तक वह सबूत के तौर पर जरूरी न हो।
अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने बताया कि अलीगढ़ निवासी बिरेंद्र सिंह के पिकअप से आबकारी विभाग ने 50 पाउच बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया था। ट्रायल कोर्ट ने जब्त वाहन छोड़ने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली और वाहन छोड़ दिया गया। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि जब्त वाहनों को छोड़ने के लिए कई मामले हाईकोर्ट आ रहे हैं। इस पर कोर्ट ने विस्तृत आदेश दिया।