गृहस्थी जलने से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट
बुधवार को आग के कारण गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इससे घर में खाने के भी लाले पड़ गए हैं। ज्ञानी लाल के घर में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज, चारपाई, आदि गृहस्थी के पूरे सामान जलकर राख हो गए हैं। परिवार के पास शरीर पर जितने कपड़े थे उतना ही शेष बचा है, बाकी सब आग में खाक हो गया है। बृहस्पतिवार को जब पीड़ित ज्ञानी लाल के घर जाकर पड़ताल की गई तो पता चला कि उसके घर में खाने के भी लाले पड़ गए हैं। कुछ अधजले सरसों, गेहूं व चावल सब एक में मिक्स दिखा। जिसे बचाने की कोशिश तो की गई लेकिन वह पूरी तरह से खाने योग्य नहीं था। ऐसे में पीड़ित परिवार के बेटे की जहां झुलस कर कर मौत हो गई, वहीं घर में खाने के लिए दाने भी नहीं बचे हैं। जिससे पूरा परिवार सदमे में था।
रोती बिलखती रही मां, परिजनों में छाया रहा मातम
आठ वर्षीय मासूम की मौत के बाद दूसरे दिन बृहस्पतिवार को मृतक चंद्रशेखर की मां अनुरा देवी जहां विलक-बिलख कर रो रही थी और बेटे को सामने लाने की बात कह रही थी। वही चंद्रशेखर का बड़ा भाई सिद्धार्थ बड़ी बहनों में सरोज देवी, सुनीता, दीपिका, खुशबू भी दहाड़े मार कर रो रहे थे। घर का मंजर ही कुछ ऐसा दिख रहा था कि घर में कोई भी चीज आग के आगोश में आने से बच नहीं पाया था। सब कुछ जलकर राख हो गया था। मंजर भयावह था। जो कोई भी पहुंचता था हादसा देखकर सब की आंखें नम हो जाती थी। मृतक दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटा था। परिवार के लोगों ने बताया कि सबसे छोटा होने के कारण वह सबका दुलारा था।