गृहकर और जलकर वसूली के लिए नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है, उसके बाद भी कर का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। इसका बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि कुछ ऐसे सरकारी विभाग हैं, जिन्होंने आज तक कर नहीं जमा किया है। सबसे अधिक कर केंद्रीय कारागार नैनी के अधिकारियों के आवास पर बकाया है।
निगम की सूची के मुताबिक केंद्रीय कारागार नैनी के अधिकारियों के आवास पर कुल 2.76 करोड़ रुपये कर के रूप में बकाया है। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम पर भी 41 लाख रुपये बकाया है। द इलाहाबाद वूलेन मिल पर भी एक करोड़ से अधिक का कर बकाया है।
केंद्रीय कार्यालयों की बात करें तो डाक घरों पर भी 38 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी का कहना है कि इन विभागों से गृहकर की वसूली के लिए योजना बनाई जा रही है। इससे निगम की आय बढ़ने के साथ ही विकास कार्यों में बजट की समस्या का समाधान भी हो सकेगा। कर वसूली योजना के अंतर्गत इन विभागों को रजिस्टर्ड डाक से पत्राचार किया जाएगा।