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Prayagraj : होटल और शादियों का बिगड़ा बजट, दोगुने हो गए कमर्शियल सिलिंडर के दाम

Sat, 02 May 2026 12:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

तेल कंपनियों की ओर से बृहस्पतिवार को कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में की गई वृद्धि से लोगों का आर्थिक समीकरण बिगड़ सकता है। 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ जनवरी से अब तक सिलिंडर की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।
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गैस सिलिंडर। - फोटो : Istock
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विस्तार
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तेल कंपनियों की ओर से बृहस्पतिवार को कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में की गई वृद्धि से लोगों का आर्थिक समीकरण बिगड़ सकता है। 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ जनवरी से अब तक सिलिंडर की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।

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अप्रैल माह में जो कमर्शियल सिलिंडर 2254 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 3247 रुपये हो गई है। इस झटके से न केवल औद्योगिक क्षेत्र बल्कि वैवाहिक आयोजनों और खान पान के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब यह 589 रुपये की जगह 850 रुपये में मिलेगा।

गहरा असर होटल एवं रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट में खाना और नाश्ता महंगा होना तय माना जा रहा है। प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम पर गहरी निराशा व्यक्त की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि इस जनविरोधी निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए ताकि उद्योगों को राहत मिल सके।

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जिनके घरों में है शादी, उनकी बढ़ी चिंता

कमर्शियल सिलिंडर के बढ़े दाम ने उन परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है जिनके घरों में शादियां हैं। वैवाहिक सीजन के बीच सिलिंडर के दामों में तकरीबन एक हजार रुपये की बढ़ोतरी होने से कैटरिंग का खर्च बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि एक शादी में औसत दस सिलिंडर की खपत होती है, तो परिवार का बजट सीधे तौर पर 10,000 बढ़ जाएगा। स्थानीय उद्योगों पर भी इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा होगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा।

होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और यहां तक कि सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी-पटरी वालों का मुख्य खर्च ईंधन ही होता है। सिलिंडर के दाम बढ़ने से थाली, स्नैक्स और चाय-कॉफी के दाम बढ़ सकते हैं। - हरजिंदर सिंह, अध्यक्ष प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन
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क्या कहते हैं कारोबारी

जो लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाते हैं या बेकरी (ब्रेड, बिस्किट, केक) उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी अधिक कीमत चुकानी होगी क्योंकि इन व्यवसायों में भारी मात्रा में कमर्शियल गैस का उपयोग होता है। - महेंद्र गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स

एमएसएमई सेक्टर और छोटे कारखाने जो एलपीजी का उपयोग करते हैं, उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। जब सामान बनाने की लागत बढ़ेगी, तो वे उत्पाद बाजार में महंगे बिकेंगे। - राजीव नायर, अध्यक्ष नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन गैस की इस बड़ी वृद्धि से सप्लाई चेन में दबाव आता है। अगर आने वाले दिनों में ईंधन के अन्य विकल्पों पर भी असर पड़ता है, तो माल ढुलाई महंगी होने से फल-सब्जी और राशन के दाम भी बढ़ सकते हैं। - धनंजय सिंह, अध्यक्ष, मुंडेरा व्यापार मंडल

इस तरह से बढ़े

जनवरी 2026 : 1867.50
फरवरी 2026 : 1916.50
मार्च 2026 : 1944.50
अप्रैल 2026 : 2254.50
मई 2026 : 3,247





धार्मिक स्वतंत्रता असीमित नहीं, सार्वजनिक व्यवस्था और शांति सर्वोपरि : हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता असीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है। स्वतंत्रता हमेशा दूसरों के प्रति जिम्मेदारी के साथ आती है। किसी एक व्यक्ति की आजादी वहां समाप्त हो जाती है, जहां से वह दूसरे को प्रभावित करना शुरू कर देती है।

यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने अपनी कथित निजी भूमि पर नमाज पढ़ने के लिए सुरक्षा व अनुमति मांगने वाली याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने असीन की याचिका पर दिया है।
संभल निवासी याची ने ग्राम इकोना में अपनी कथित निजी भूमि पर नियमित नमाज के लिए सुरक्षा और अनुमति की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद निजी और सार्वजनिक भूमि के उपयोग के बीच के अंतर को परिभाषित किया है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक भूमि आम उपयोग के लिए होती है। ऐसे में किसी व्यक्ति या समूह को नियमित धार्मिक गतिविधि का विशेष अधिकार नहीं दिया जा सकता।

साथ ही कहा कि निजी संपत्ति या घर में व्यक्तिगत और सीमित धार्मिक गतिविधियों की अनुमति है। उसे बड़े स्तर पर सामूहिक धार्मिक स्थल में बदलने की छूट नहीं दी जा सकती। संविधान धार्मिक स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है। यदि किसी धार्मिक कार्य से जीवन, यातायात, शांति या सामाजिक सौहार्द खराब होता है तो राज्य को उसे नियंत्रित करने का अधिकार है।
कोर्ट ने कहा कि निजी संपत्ति या घर में व्यक्तिगत और सीमित पूजा अर्चना संविधान के तहत संरक्षित है। यदि वही स्थान नियमित रूप से बड़ी संख्या में लोगों के लिए धार्मिक स्थल के रूप में इस्तेमाल होने लगे तो वह सार्वजनिक प्रभाव वाला मामला बन जाता है और उसपर प्रशासनिक नियंत्रण लागू हो सकता है।

कोर्ट ने पाया कि जिस जमीन पर याचिकाकर्ता मालिकाना हक जता रहा था, वह वास्तव में राजस्व रिकॉर्ड में आबादी भूमि के रूप में दर्ज है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार उस स्थान पर केवल ईद के अवसर पर ही नमाज अदा की जाती थी, जबकि याची अब वहां नियमित सामूहिक नमाज शुरू करने की कोशिश कर रहा था। कोर्ट ने कहा कि किसी नई परंपरा को शुरू करना जो सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करे, सांविधानिक संरक्षण के दायरे में नहीं आता।



एआई और डॉक्टर का योग है नोस्ताविया, हेल्थ स्कोर से बताएगा स्वस्थ हैं या बीमार
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के छात्र आदित्य सिंह और अनुष्का गुप्ता ने स्वास्थ्य से जुड़ा एआई आधारित प्लेटफॉर्म नोस्ताविया बनाया है। इसके माध्यम से बीमारी की पहचान और उसका उपचार दोनों संभव है। इस नवाचार को हाल ही में संकल्प-2026 कार्यक्रम में प्रदर्शित किया गया था।

बीमारी की जड़ पर करता है फोकस
नोस्ताविया का उद्देश्य केवल बीमारी पहचानना नहीं बल्कि उसे जड़ से समाप्त करना है। यह खून जांच की रिपोर्ट के आधार पर 100 से ज्यादा बायोमार्कर (शरीर में होने वाली सामान्य जैविक प्रक्रियाओं, रोगजनक प्रक्रियाओं या उपचार के प्रति प्रतिक्रिया के मापने योग्य संकेत) का अध्ययन करता है और उन्हें हेल्थ स्कोर में बदलकर शरीर के बीमार या स्वस्थ होने की जानकारी देता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ डॉक्टरों की निगरानी
खास बात यह है कि इसमें केवल एआई ही नहीं बल्कि डॉक्टर भी जुड़े होते हैं। जहां एआई डेटा का अध्ययन करता है वहीं डॉक्टर उस जानकारी के आधार पर उपयोगकर्ता की निगरानी और उसका मार्गदर्शन करते हैं।

देता है डाइट टिप्स व कार्ययोजना
प्लेटफॉर्म पर मौजूद एआई खून जांच की रिपोर्ट, स्मार्टवॉच का डेटा और खानपान की पूरी तस्वीर तैयार कर 12 हफ्तों की कार्ययोजना देता है। इसमें डाइट, जीवनशैली और फिटनेस के टिप्स शामिल होते हैं। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता किसी भी भोजन की फोटो अपलोड कर उसके शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को समझ सकता है।

शुगर व हृदय रोग पर कर रहा शोध
मधुमेह, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी समस्याओं की जड़ इंसुलिन प्रतिरोध और सूजन में होती है। नोस्ताविया इसके समाधान की दिशा में काम कर रहा है।

इसका उपयोग वेबसाइट नोस्ताविया हेल्थ और इसके एप के माध्यम से किया जा सकता है।






(आगरा व झांसी के विशेष ध्यानार्थ) ग्रुप डी के प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों की मुराद पूरी, रिप्लेसमेंट पैनल जारी
- आरआरसी प्रयागराज में जारी किया ग्रुप डी की भर्ती का पैनल, 27 अभ्यर्थी सफल

अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने वर्ष 2019 की लेवल-वन (ग्रुप डी) भर्ती के प्रतीक्षारत उम्मीदवारों के लिए खुशियों की सौगात दी है। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) ने 10वें चरण के दस्तावेज सत्यापन के बाद रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए प्रोविजनल रिप्लेसमेंट पैनल घोषित कर दिया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।

आरआरसी द्वारा जारी की गई नई सूची में कुल 27 उम्मीदवारों के रोल नंबर शामिल किए गए हैं। इन अभ्यर्थियों का चयन उनकी मेरिट और चिकित्सा परीक्षण में सफल पाए जाने के आधार पर किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे की विभिन्न मंडल इकाइयों से मिली मांग के अनुसार इन चयनितों का आवंटन भी कर दिया गया है।
इस बार आगरा मंडल को सबसे अधिक 14 नए कर्मचारी मिले हैं। इसके अलावा प्रयागराज मंडल के लिए छह, झांसी मंडल के लिए चार और ब्रिज लाइन के लिए तीन उम्मीदवारों का चयन हुआ है। बता दें यह पूरी चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी), शारीरिक दक्षता परीक्षा और गहन दस्तावेज सत्यापन के चरणों से गुजरने के बाद संपन्न हुई है।

चयनित अभ्यर्थी अपना परिणाम और संबंधित जानकारी रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस पैनल के जारी होने से रेलवे में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और रेल संचालन को भी मजबूती मिलेगी।



मार्कण्डेय ने गांव में लिखी ‘गुलरा के बाबा’, दुष्यंत ने खुद टाइप कराई अमर कहानी
इविवि के गंगानाथ झा छात्रावास में पहली बार पढ़ी गई थी

जयंती पर विशेष
योगेश नारायण दीक्षित

प्रयागराज। कथाकार मार्कण्डेय को हिंदी साहित्य के आकाश पर उनकी कहानी ‘गुलरा के बाबा’ से एक अलग पहचान मिली थी। दिलचस्प बात यह है कि कहानी पहली बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा छात्रावास में पढ़ी गई। सुनने वालों में थे दुष्यंत कुमार और कमलेश्वर। दुष्यंत कुमार तो इतने प्रभावित हुए कि पांडुलिपि लेकर खुद इसे टाइप कराने की जिम्मेदारी उठा ली।
उन्होंने प्रसिद्ध पत्रिका में प्रकाशित करवाने के लिए कहानी को भिजवा दिया। लगभग इसी कालखंड में कमलेश्वर और मोहन राकेश के साथ मार्कण्डेय नई कहानी के पुरोधा के रूप में स्थापित हो गए थे। कथाकार मार्कण्डेय की जन्म जयंती (2 मई) के अवसर पर साहित्यकार रविनंदन सिंह ने दुष्यंत कुमार के साथ उनकी दोस्ती और प्रसिद्ध कथाओं के पीछे की कहानियां साझा की हैं।

मार्कण्डेय जब 1942 में 12वीं में पढ़ रहे थे तब गांधीजी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था। मार्कण्डेय ने अपनी साहित्यिक यात्रा का उल्लेख करते हुए पत्रिका कथा के एक अंक में लिखा था, उन दिनों मैं गांव में था। एक महिला का इकलौता जवान लड़का 1942 के आंदोलन में बलिदान हो गया। गर्मी की छुट्टियों में कॉलेज से जौनपुर अपने घर गया तो उस बूढ़ी स्त्री से मिलकर उदास हो गया। इस तनाव में मैंने एक कहानी शहीद की मां लिख दी। दूसरे हफ्ते ही वह कहानी एक प्रतिष्ठित अखबार में छप गई। यहीं से कहानी लेखन का सिलसिला शुरू हुआ जो फिर कभी नहीं रुका।
मार्कण्डेय का जन्म 2 मई 1930 को जौनपुर के बराई नामक गांव के एक किसान परिवार में हुआ था। कई विद्वान उनकी जन्मतिथि 5 मई भी मानते हैं। प्रयागराज में बीए करने के दौरान कमलेश्वर और दुष्यंत कुमार संग उनकी तिकड़ी बहुत प्रसिद्ध थी, जिसे समकालीनों ने त्रिशूल नाम दिया था। उन्होंने वर्ष 1948 से हिंदी साहित्य में एमए किया।

पत्रिका बरगद के एक अंक में उन्होंने लिखा था, मुझे अच्छी तरह याद आता है कि एक बार गर्मियों की छुट्टी के बाद मैं गांव से गुलरा के बाबा नाम की कहानी लिख कर लाया था। मैंने सबसे पहले उसे दुष्यंत और कमलेश्वर को गंगानाथ झा छात्रावास में पढ़कर सुनाया। दुष्यंत को रचनाओं की गहरी समझ थी। खुद तो वह कथा-साहित्य नहीं लिखते थे लेकिन किसी कमजोर कहानी को पकड़ लेने में उन जैसा सिद्धहस्त कोई दूसरा नहीं देखा।
मुझे याद है कि गुलरा के बाबा कहानी सुनकर वह इतना प्रसन्न हुए थे कि मूल पांडुलिपि लेकर उसे टाइप कराने खुद चले गए। कमलेश्वर और दुष्यंत दोनों डेलीगेसी के छात्र थे। दोनों विश्वविद्यालय गंगानाथ झा छात्रावास आते थे, जहां के मार्कण्डेय अत:वासी थे।

मार्कण्डेय का रचना संसार
उपन्यास : अग्निबीज तथा सेमल के फूल

कहानी-संग्रह : पान फूल, महुए का पेड़, हंसा जाई, अकेला, भूदान, माही, सहज और शुभ, बीच के लोग उल्लेखनीय है।
कविता संग्रह : सपने तुम्हारे थे,

एकांकी संग्रह : पत्थर और परछाइयां तथा आलोचना पुस्तक कहानी की बात अत्यंत प्रसिद्ध हुए।



सभी केंद्रों के ध्यानार्थ ::: सूरत के उधना के लिए चलेगी तीन स्पेशल ट्रेन
प्रयागराज। सूरत के उधना के लिए तीन स्पेशल ट्रेन चलेगी। इनका संचालन मधुबनी, झंझारपुर और समस्तीपुर के लिए होगा। तीनों का छिवकी रेलवे स्टेशन पर ठहराव रहेगा।

गाड़ी-09041 दो मई की रात 11:30 बजे चलकर अगली रात 9:25-9:30 बजे छिवकी एवं चार मई की दोपहर 1:30 बजे मधुबनी पहुंचेगी।इसी तरह 09042 मधुबनी से चार मई की दोपहर 12:35 बजे चलकर अगली सुबह 6:40 बजे छिवकी एवं छह मई की सुबह उधना पहुंच जाएगी।
वहीं, उधना से झंझारपुर के लिए तीन मई की रात 1:30 बजे चलकर ट्रेन अगली रात 12:25-12:30 बजे छिवकी और शाम 5:00 बजे झंझारपुर आएगी। झंझारपुर से 09046 का संचालन चार मई की शाम 7:30 बजे होगा। अगली सुबह 8:55 बजे ट्रेन प्रयागराज छिवकी एवं छह मई की सुबह 7:45 बजे उधना पहुंच जाएगी।

इसी तरह 09047 उधना से तीन मई की सुबह पांच बजे चलकर अगले दिन 5:25-5:30 बजे प्रयागराज छिवकी एवं शाम 6:00 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। उधर, समस्तीपुर से 09048 चार मई की रात 8:30 बजे चलकर अगली सुबह 6:55 बजे प्रयागराज छिवकी एवं छह मई सुबह 6:45 बजे वापस उधना पहुंचेगी। ब्यूरो



ट्रिपलआईटी: पीएचडी प्रवेश परिणाम-26 घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी

प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) ने जुलाई-2026 सत्र के पीएचडी और पीएचडी-वर्किंग प्रोफेशनल्स कार्यक्रम के प्रवेश परिणाम जारी कर दिए हैं। एप्लाइड साइंसेज विभाग में अनारक्षित श्रेणी से प्रियांशी पांडेय और प्रशांत बिष्ट का चयन हुआ, जबकि ओबीसी-एनसीएल श्रेणी में जैनेंद्र कुमार, प्रगति अपूर्वा, सृष्टि चक्रवर्ती और सौमेन दास को स्थान मिला है। अनुसूचित जाति श्रेणी से सुदीप्ता रॉय और चाहत कौशल चयनित हुए हैं।
मैनेजमेंट स्टडीज विभाग में अनारक्षित श्रेणी में हिना अविनाश मिश्रा और शर्वानी मिश्रा, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में अदिति गोयल, प्रतीक्षा श्रेणी में शाश्वत सिंह और अनमोल शुक्ला, ओबीसी-एनसीएल वर्ग में एकरा फुरकान, वैभव सिंह, शेखर कुमार गौर, आकाश शर्मा और प्रशांत को प्रवेश मिला है।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में अनारक्षित वर्ग में विदित बिष्ट, विनय पाठक, रूपेश कुमार दुबे और विनीश कटिंग, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में अभिषेक अग्रहरि और रजनीश कुमार सिंह, ओबीसी-एनसीएल में विभम शर्मा, एससी वर्ग में अभिषेक, जबर सिंह महोर, राहुल महतो और प्रवीण कुमार गौरव का चयन हुआ।
वर्किंग प्रोफशनल्स प्रोग्राम में अंकिता ठक्कर और मनीष कुमार गुप्ता चयनित हुए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में अनारक्षित वर्ग से सूर्यांशी श्रीवास्तव और शितांशु मिश्रा का चयन हुआ। वहीं वर्किंग प्रोफेशनल्स प्रोग्राम में ऋषभ मिश्रा और संदीप शर्मा को स्थान मिला है।

संस्थान के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम रूप से प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।



सभी केंद्र
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मिल सकती है 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात
उच्च शिक्षा निदेशालय पद सृजन और विषय संचालन के लिए तैयार कर रहा डीपीआर

विनोद कुमार तिवारी
प्रयागराज। मई माह में ही अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात मिल सकती है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय पद सृजन और विषय संचालन को लेकर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में जुटा है। अगले सप्ताह मुख्यमंत्री के समक्ष इसकी प्रस्तुति प्रस्तावित है।

इन महाविद्यालयों के शुरू होने के बाद प्रदेश में राजकीय महाविद्यालयों की संख्या बढ़कर 236 हो जाएगी। ये महाविद्यालय प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, बरेली और गोरखपुर मंडल के विभिन्न जिलों में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये प्रति महाविद्यालय की लागत से भवन निर्माण कराया गया है।

इनमें से लगभग 10 महाविद्यालयों के भवन वर्ष 2025 में उच्च शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इनमें शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकी हैं। हाल ही में यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग को आवश्यक प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों में मिल सकती है सौगात
प्रतापगढ़, सीतापुर, उन्नाव, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बिजनौर, शामली, संतकबीरनगर, रामपुर, आजमगढ़, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर समेत 15 जिलों के विभिन्न स्थानों पर महाविद्यालयों के भवन तैयार हो चुके हैं या निर्माणाधीन हैं।

क्या कहते हैं उच्च शिक्षा के अधिकारी

सहायक निदेशक (प्लान) डॉ. एसके पांडेय के अनुसार, अल्पसंख्यक क्षेत्रों में 20 महाविद्यालयों के निर्माण का कार्य चल रहा है। इसमें 10 भवन उच्च शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित हो चुके हैं। पद सृजन और विषय संचालन के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
वर्जन

प्रदेश के 15 जिलों में महाविद्यालय लगभग तैयार हैं। अधिकांश का हस्तांतरण भी हो चुका है। प्रस्तुतीकरण के बाद इन्हें राजकीय महाविद्यालयों में परिवर्तित कर इसी सत्र से आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस की पढ़ाई शुरू कराने की योजना है।
डॉ. बीएल शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा





पुलिस अधिकारी का एआई से बना वीडियो वायरल, एफआईआर
प्रयागराज। सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। चिराग पटेल नाम के एक यूजर ने एआई की मदद से प्रयागराज के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर एक्स पर पोस्ट किया है। मामले में साइबर थाना पुलिस ने चिराग पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

साइबर सेल में तैनात उपनिरीक्षक स्वतंत्र कुमार ने आरोप लगाया है कि एक्स पर चिराग पटेल नाम की आईडी से कई आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं। इन पोस्ट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का अशोभनीय चित्रण करने के साथ ही अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियां की गई हैं। यह कृत्य न केवल मानहानिकारक है, बल्कि इससे समाज में भ्रम फैलाने की भी कोशिश की गई है। साइबर थाना प्रभारी प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि संबंधित पोस्ट के लिंक और स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में जुटाए गए हैं। तकनीकी जांच के जरिये आरोपी की पहचान की जा रही है। ब्यूरो



एसआरएन अस्पताल से भागने वाले हत्यारोपी समेत दो सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज
- कोतवाली पुलिस ने प्रतापगढ़ के जेल अधीक्षक की तहरीर पर दर्ज की प्राथमिकी, दोनों निलंबित

अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज/प्रतापगढ़। एसआरएन अस्पताल से हत्यारोपी के फरार होने के मामले में शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी बाबूलाल वर्मा (45) और लापरवाही बरतने पर प्रतापगढ़ पुलिस के दो सिपाहियों विनय कुमार और शिवाजी पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने निलंबित कर दिया है।
जेल अधीक्षक रिषभ द्विवेदी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर हत्या के आरोपी बाबूलाल वर्मा को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया था। महेशगंज थाने के कांस्टेबल विनय कुमार और रानीगंज थाने के हेड कांस्टेबल शिवाजी की ड्यूटी बंदी बाबूलाल वर्मा की अभिरक्षा में लगाई गई थी।

30 अप्रैल की रात बंदी के एसआरएन अस्पताल से फरार होने की जानकारी मिली। इसमें दोनों सिपाहियों की लापरवाही सामने आई है। कोतवाली थाना प्रभारी नितेंद्र शुक्ला ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश जा रही है, पुलिस जल्द ही आरोपी को पकड़ लेगी।
वहीं, दूसरी तरफ शुक्रवार को जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। जेल अधीक्षक के पत्र का संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बंदी की अभिरक्षा में ड्यूटी कर रहे दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।

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25 अप्रैल की रात में बिगड़ी थी हालत
अंतू थाना क्षेत्र के चौबेपुर निवासी बाबूलाल (45) अपने ही बेटे की हत्या के आरोप में दिसंबर 2025 से जिला कारागार में बंद था। 25 अप्रैल की रात 9:30 बजे उसकी हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने कड़ी निगरानी में उसे राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, बाबूलाल ने पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या के आरोप में फंसाने के लिए 10 वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

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बच्ची से यौन शोषण का आरोपी भी हुआ था फरार

21 अप्रैल को जिला कारागार प्रतापगढ़ से सिपाही मगन शर्मा और अनुज कुमार बच्ची से यौन शोषण के एक आरोपी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए एसआरएन अस्पताल लेकर आए थे। शाम करीब 6:15 बजे आरोपी अस्पताल से फरार हो गया था। कोतवाली पुलिस ने आरोपी समेत दोनों सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 25 अप्रैल को आरोपी को पुलिस ने प्रतापगढ़ में मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था।



अपराध रोकना तुम्हारे बस की बात नहीं, थाना छोड़ो, लाइन पहुंचो
-एसपी ने वायरलेस सेट पर ही थानाध्यक्ष को हटाया, चाैकी इंचार्ज को किया निलंबित

- मंदिर का घंटा और लाइसेंसी राइफल चोरी मामले का खुलासा न होने पर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी

मंझनपुर। लाइसेंसी राइफल और मंदिर का घंटा चोरी होने का खुलासा न होने पर शुक्रवार को एसपी सत्यनारायण प्रजापति का माथा ठनक गया। उन्होंने पश्चिमशरीरा थानाध्यक्ष हरीश तिवारी और हिनाैता चाैकी इंचार्ज रामपाल को वायरलेस सेट पर ही खरी-खरी सुनाई। साफ कहा कि अपराध रोकना तुम्हारे बस की बात नहीं। तुम निरंकुश हो। तत्काल पुलिस लाइन में आमद कराओ। इसके साथ ही उन्होंने थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर और चाैकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया। फिलहाल थाने का चार्ज वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार को सौंपा गया है।
पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के लोधन का पूरा निवासी रजवंत के घर नाै अप्रैल को चोरी हुई थी। इसमें उनकी लाइसेंसी रायफल, 12 कारतूस, जेवरात और 10 हजार रुपये नकद चले गए। नए पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द खुलासे का अल्टीमेटम दिया था। 20 दिन बाद भी थानाध्यक्ष हरीश तिवारी चोरी का खुलासा नहीं कर सके।

इसी तरह महेवा घाट थाने के पूरब सरांवा गांव स्थित बऊखर नाथ मंदिर में चोरों ने पांच महीना पहले घंटा चोरी किया था। पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी। बुधवार को मंदिर में फिर से घंटा चोरी हो गया। इसमें एसपी ने चाैकी प्रभारी रामपाल की लापरवाही मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
 
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