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High Court:अंग्रेजों के जमाने का हथकंडा न अपनाएं, भगोड़ों को पकड़ने के लिए रिश्तेदारों को परेशान करना बंद करें

Sat, 02 May 2026 11:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Allahabad High Court News : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भगोड़े अपराधी को पकड़ने के लिए उसके रिश्तेदारों को परेशान करना अनुचित और असांविधानिक है। अपराधियों की तलाश के लिए उनके परिजनों को थाने बुलाकर मानसिक दबाव डालना अंग्रेजों के जमाने का तरीका है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भगोड़े अपराधी को पकड़ने के लिए उसके रिश्तेदारों को परेशान करना अनुचित और असांविधानिक है। अपराधियों की तलाश के लिए उनके परिजनों को थाने बुलाकर मानसिक दबाव डालना अंग्रेजों के जमाने का तरीका है। यह सांविधानिक ढांचे के खिलाफ है।

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यह टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को याची कैप्टन मंगल सिंह (रिटायर्ड) के घर दबिश देने या उन्हें परेशान करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दिया है। कानपुर नगर के बर्रा थाना क्षेत्र निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन मंगल सिंह ने याचिका दायर कर सुरक्षा की गुहार लगाई।

याची का कहना था कि उनका बेटा संदीप तोमर पंजाब में हत्या के एक मामले में दोषी करार दिया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद से फरार चल रहा था। ऐसे में पंजाब पुलिस की सूचना पर स्थानीय कानपुर पुलिस ने संदीप की तलाश में उनके घर में छापेमारी कर उन्हें बार-बार पुलिस चौकी और थाने बुलाकर प्रताड़ित कर रही है।

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उन्नति तकनीकी के बावजूद पुलिस रिश्तेदारों को कर रही प्रताड़ित

हाईकोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आज के डिजिटल युग में जब पुलिस के पास किसी व्यक्ति का पता लगाने के लिए उन्नत तकनीकी साधन मौजूद हैं। ऐसे में रिश्तेदारों को प्रताड़ित करने जैसा अंग्रेजों के जमाने का हथकंडा न अपनाएं। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पंजाब पुलिस ने वांछित संदीप तोमर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस पर कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एसएचओ गुजैनी को चेतावनी दी कि भविष्य में याची की निजता का उल्लंघन न किया जाए।

यह भी कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में संदीप तोमर पैरोल या जमानत पर बाहर आता है और शर्तों का उल्लंघन करता है, तब भी पुलिस को उसके माता-पिता के घर अचानक छापेमारी करने का कोई अधिकार नहीं होगा। कोर्ट ने इस आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर और संबंधित थाना प्रभारी को अनुपालन के लिए भेजने का निर्देश दिया है।
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