सिरसा का बंद पड़ा राजकीय महिला अस्पताल। जर्जर हो गई है बिल्डिंग। संवाद
राजकीय महिला अस्पताल छह वर्ष से बंद है पर यहां पर कर्मचारियों की नियुक्ति और तबादले बंद नहीं हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है। राजकीय महिला अस्पताल में नियुक्त कर्मचारी पास में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करते हैं। राजकीय महिला अस्पताल बंद होने से महिला मरीजों को इलाज में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कई बार अस्पताल के संचालन की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला मरीजों के इलाज के लिए सात किलोमीटर दूर रामनगर स्थिति सीएचसी जाना पड़ता है।
क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे बिल्डिंग में राजकीय महिला अस्पताल संचालित होता था लेकिन छह साल पहले महिला अस्पताल बंद हो गया। सिरसा नगर पंचायत के चेयरमैन लखन केशरी ने बताया कि छह वर्ष पहले महिला अस्पताल की प्रभारी चिकित्सक डॉ. राज रचना के तबादले के बाद से यह अस्पताल बंद है। उसके बाद कई बार प्रयास किया गया कि अस्पताल का संचालन शुरू हो जाए लेकिन नहीं हो सका। महिला अस्पताल बंद है लेकिन यहां पर फर्मासिस्ट मानेंद्र सिंह, वार्ड आया ममता अग्रहरि और वार्ड आया मीना देवी की इसी अस्पताल में नियुक्ति है। तीनों कर्मचारी पास में स्थित पीएचसी में काम करते हैं। फार्मासिस्ट मानेंद्र सिंह ने बताया कि राजकीय महिला अस्पताल सिरसा में उनकी नियुक्ति हुई है। 18 जून 2026 को वह यहां ज्वाॅइन किया है लेकिन अस्पताल बंद है तो पीएचसी में ही काम कर रहे हैं।
अभी मैं हाल ही में रामनगर सीएचसी में अधीक्षक के पद पर आया हूं। अगर महिला अस्पताल के नाम से कर्मचारियों की नियुक्ति हो रही है तो सीएमओ को पत्राचार कर महिला अस्पताल को चालू कराने का प्रयास करूंगा। जिससे महिला मरीजों को उपचार में सहुलियत मिल सके। डॉ. अनुराग तिवारी अधीक्षक सीएचसी रामनगर।