उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में कंप्यूटरों की स्कैनिंग के दौरान मिले अहम सुरागों और सहायक निजी सचिव (एपीएस) परीक्षा के चयनितों के मामले में शासन के सक्रिय होने के बाद सीबीआई अब पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। जिन लोगों से पूछताछ होनी है, सीबीआई उनकी कुंडली तैयार कर रही है। उनके एकाउंट नंबर खंगाले जा रहे हैं। साथ ही आयोग के कुछ प्रतिनिधियों, विवादित परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों और दलालों के बीच जुड़े रिश्ते भी तलाशे जा रहे हैं।
सीबीआई को यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली से जुड़ी आठ सौ से अधिक शिकायतें अब तक मिल चुकी हैं। जिन भर्ती परीक्षाओं की सबसे सर्वाधिक शिकायतों आईं हैं, उनमें एपीएस-2010, आरओ/एआरओ परीक्षा 2013, 2014 एवं 2016, पीसीएस-2015 के अलावा पीसीएस-जे, एपीओ आदि परीक्षाएं शामिल हैं। सीबीआई को कुछ दलालों के नाम भी मिले हैं, जिनमें शहर के एक बड़े डॉक्टर, कोचिंग संचालक एवं आयोग के एक कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है। इसके साथ ही सीबीआई को आयोग के कुछ प्रतिनिधियों, चयनित अभ्यर्थियों और उनके करीबी रिश्तेदारों के एकाउंट नंबर भी मिले हैं, जिनमें विवादित परीक्षाओं के दौरान बड़ा लेनदेन हुआ है।
इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सीबीआई अब उन सभी लोगों की कुंडली तैयार कर रही है, जो भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से सीधे जुड़े हैं। इनके खिलाफ सीबीआई सुबूत इकट्ठा कर रही हे। उधर, गोविंदपुर स्थित सीबीआई कैंप कार्यालय में पूछताछ कक्ष बनाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि पर्याप्त सुबूत मिलने के बाद सीबीआई की टीम कैंप कार्यालय में पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर देगी। इस दौरान आयोग के कुछ प्रतिनिधियों, चयनित अभ्यर्थियों और दलालों से पूछताछ किए जाने की तैयारी है।